तेहरान: ईरान के इतिहास में एक बड़े राजनीतिक और धार्मिक बदलाव की घोषणा की गई है। आयतुल्लाह अली खामेनेई के निधन के कुछ ही दिनों बाद, उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को आधिकारिक तौर पर ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया गया है। ईरानी स्टेट मीडिया ने रविवार को इस ऐतिहासिक निर्णय की पुष्टि की।
‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ का निर्णायक फैसला
ईरान की सत्ता का फैसला करने वाली 88 सदस्यीय धार्मिक संस्था, ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने एक विशेष बैठक के बाद मोजतबा खामेनेई के नाम पर मुहर लगाई।संस्था ने ‘निर्णायक वोट’ के जरिए मोजतबा को ईरान के तीसरे सर्वोच्च नेता के रूप में चुना है। मोजतबा अपने पिता अली खामेनेई की जगह लेंगे, जिन्होंने दशकों तक ईरान का नेतृत्व किया।
सेना और IRGC ने जताया अटूट विश्वास
मोजतबा खामेनेई के नाम की घोषणा होते ही ईरान की सैन्य और राजनीतिक शक्ति उनके पीछे खड़ी हो गई है। ‘अल जजीरा’ की रिपोर्ट के मुताबिक शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने तुरंत निष्ठा की शपथ ली। उन्होंने कहा, “हम नए नेता आयतुल्लाह सैयद मोजतबा खामेनेई के हुक्म का पालन करने और देश के लिए खुद को कुर्बान करने को तैयार हैं।”ईरान की नियमित सेना के शीर्ष नेतृत्व ने भी पूरी वफादारी का वादा किया है।
संसद के स्पीकर ने इस नियुक्ति को ‘धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य’ करार दिया, जबकि सुरक्षा प्रमुख ने विश्वास जताया कि मोजतबा इस चुनौतीपूर्ण समय में देश को सही दिशा देंगे।
कौन हैं मोजतबा खामेनेई?
मोजतबा खामेनेई लंबे समय से ईरान की सत्ता के गलियारों में प्रभावशाली रहे हैं। उन्हें अपने पिता का सबसे भरोसेमंद सलाहकार माना जाता था। उनके सर्वोच्च नेता बनने के बाद अब दुनिया की नजरें ईरान की विदेश नीति, विशेषकर पश्चिम के साथ संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर टिकी हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि मोजतबा की नियुक्ति से ईरान की वर्तमान व्यवस्था और नीतियों में निरंतरता बनी रहेगी, क्योंकि उन्हें सेना और धार्मिक नेतृत्व दोनों का कड़ा समर्थन प्राप्त है।
