भिवंडी/ठाणे: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार सुबह लगभग 11 बजे महाराष्ट्र की भिवंडी कोर्ट में पेश हुए। वर्ष 2014 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ दिए गए एक कथित बयान से जुड़े मानहानि मामले में कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था।
नया जमानतदार पेश कर पूरी की औपचारिकता
राहुल गांधी को इस मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी थी। हालांकि, पूर्व में उनकी जमानत लेने वाले शिवराज पाटिल का निधन हो जाने के कारण कानूनी रूप से नया जमानतदार पेश करना आवश्यक था। आज की पेशी के दौरान राहुल गांधी ने नया जमानतदार पेश किया और जमानत की औपचारिक प्रक्रिया को फिर से नियमित किया। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में राहुल गांधी अब तक तीन बार भिवंडी कोर्ट में पेश हो चुके हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद साल 2014 का है, जब लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने आरएसएस को लेकर एक टिप्पणी की थी। इस बयान पर आपत्ति जताते हुए आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने भिवंडी कोर्ट में मानहानि का परिवाद दाखिल किया था। राहुल गांधी के लिए यह हफ्ता अदालती कार्यवाहियों से भरा रहा है; बीते शुक्रवार को ही वे सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में भी पेश हुए थे।
बीजेपी का प्रदर्शन और काले झंडे
राहुल गांधी की पेशी के दौरान सियासी पारा भी गरमाया रहा। जब राहुल गांधी कोर्ट के लिए निकल रहे थे, तब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और युवा मोर्चा के सदस्यों ने उन्हें काले झंडे दिखाए। दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय का घेराव करने की कोशिश की। यह प्रदर्शन शुक्रवार को कांग्रेस की युवा विंग द्वारा AI समिट में किए गए विरोध प्रदर्शन के जवाब में देखा जा रहा है।
कोर्ट परिसर में ‘छावनी’ जैसा नजारा
नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए भिवंडी कोर्ट परिसर को किले में तब्दील कर दिया गया था। बम निरोधक दस्ताऔर डॉग स्क्वॉड ने पूरे परिसर की गहन तलाशी ली।बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के साथ ही सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही थी। कोर्ट के आसपास के रास्तों पर भी विशेष बैरिकेडिंग की गई थी।
