रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए परीक्षा की पात्रता के लिए कटऑफ तिथि को संशोधित कर 1 अगस्त 2022 करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम से उन अभ्यर्थियों को संजीवनी मिली है, जो आयु सीमा की गणना के कारण दौड़ से बाहर हो रहे थे।
क्या है कटऑफ तिथि का नया गणित?
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, अब अभ्यर्थियों की पात्रता की गणना 1 अगस्त 2022 के आधार पर की जाएगी।हालांकि, कई छात्र संगठन लगातार अगस्त 2018 को कटऑफ तिथि बनाने की मांग कर रहे थे ताकि लंबे समय से परीक्षा न होने का नुकसान झेल रहे छात्रों को मौका मिल सके।सूत्रों के अनुसार, कार्मिक विभाग ने पहले 2023 तक की तिथि का प्रस्ताव दिया था, लेकिन फिलहाल 2022 पर ही सहमति बनी है।
हाईकोर्ट का बड़ा निर्देश: 200 अभ्यर्थी करेंगे ऑफलाइन आवेदन
इसी बीच, 14वीं जेपीएससी (संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025) में आयु सीमा को लेकर चल रहे विवाद में झारखंड उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने याचिकाकर्ता अभ्यर्थियों को राहत देते हुए उन्हें ऑफलाइन आवेदन करने की अनुमति देने का निर्देश आयोग को दिया है। लगभग 200 से अधिक अभ्यर्थियों ने अदालत में दलील दी थी कि राज्य में परीक्षाएं नियमित अंतराल पर नहीं होती हैं, जिसके कारण उनकी योग्यता होने के बावजूद वे आयु सीमा पार कर चुके हैं।
क्या बढ़ेगी आवेदन की अंतिम तिथि?
उल्लेखनीय है कि जेपीएससी परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 20 फरवरी को समाप्त हो चुकी है। अब सरकार द्वारा कटऑफ तिथि बदलने और हाईकोर्ट द्वारा ऑफलाइन आवेदन की अनुमति देने के बाद, इस बात की प्रबल संभावना है कि जेपीएससी आवेदन की पोर्टल विंडो को फिर से खोल सकता है या अंतिम तिथि में विस्तार कर सकता है।
अभ्यर्थियों में मिश्रित प्रतिक्रिया
सरकार के इस फैसले का जहां एक ओर स्वागत हो रहा है, वहीं दूसरी ओर 2018 की कटऑफ मांग रहे छात्रों का एक धड़ा अब भी असंतुष्ट है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय के बाद आवेदकों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी देखने को मिलेगी, जिससे प्रतियोगिता और भी कड़ी होने वाली है।
