Jharkhand: भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी पर छात्रों के समर्थन में उतरे सुदेश महतो, निष्पक्ष जांच की मांग

जमशेदपुर: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री और आजसू पार्टी के अध्यक्ष सुदेश महतो ने आंदोलनकारी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।सुदेश महतो ने कहा कि सरकारी नौकरियों में चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। यदि किसी परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं, तो उनकी गंभीरता से जांच जरूरी है।
‘दोषी पाए जाने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई’
सुदेश महतो ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता। भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर उसकी जांच कराई जानी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने पूरी चयन प्रक्रिया की जांच कर कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे छात्र
झारखंड में छात्र लंबे समय से जेपीएससी और जेएसएससी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।आंदोलनकारी छात्र 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग पर कायम हैं।छात्रों की ओर से सीबीआई जांच या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीशों की समिति गठित कर मामले की जांच कराने की मांग भी उठाई जा रही है।
युवाओं के भविष्य से जुड़ा है मामला: सुदेश महतो
सुदेश महतो ने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले हजारों युवाओं का भविष्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा होता है। ऐसे में परीक्षा और चयन प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार का संदेह युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि अभ्यर्थियों का व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।
छात्र आंदोलन के बीच सरकार से कार्रवाई की मांग
भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर झारखंड में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत की कोशिशें भी चल रही हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र ठोस कार्रवाई की मांग पर अब भी कायम हैं।छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन से मामला खत्म नहीं होगा और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।



