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Jharkhand: दलमा की गोद में अब उठाइए लग्जरी स्टे का आनंद, मकुलाकोचा इको रेस्ट हाउस का मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू ने किया उद्घाटन

जमशेदपुर/दलमा: प्रकृति की खूबसूरती के लिए विख्यात दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी आने वाले पर्यटकों के लिए अब घने जंगलों के बीच ठहरने की अत्याधुनिक और लग्जरी सुविधा शुरू हो गई है। रविवार को दलमा की तलहटी में स्थित मकुलाकोचा में नव निर्मित अत्याधुनिक इको रेस्ट हाउस का विधिवत उद्घाटन राज्य के नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू ने किया। वैदिक मंत्रोच्चार, फीता काटकर और गगन में गुब्बारे उड़ाकर इस विश्वस्तरीय विश्राम गृह का औपचारिक शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर ईचागढ़ की विधायक सविता महतो, घाटशिला के विधायक सोमेश सोरेन, वन विभाग तथा झारखंड पर्यटन विकास निगम के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

3,500 रुपये प्रति रात किराया; ऐसे होगी ऑनलाइन बुकिंग

उद्घाटन के साथ ही इको रेस्ट हाउस को देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को बुकिंग पोर्टल तुरंत लाइव करने का निर्देश दिया। पर्यटक दलमा वाइल्डलाइफ और जेटीडीसी की आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन रूम बुक कर सकेंगे।मकुलाकोचा इको रेस्ट हाउस का किराया ₹3,500 प्रति रात्रि तय किया गया है, जिसमें पर्यटकों के लिए कॉम्प्लिमेंट्री नाश्ते की सुविधा शामिल रहेगी।

₹11 करोड़ की लागत से निखर रहा दलमा; पिंडराबेड़ा हैंगिंग रेस्ट हाउस भी जल्द

झारखंड सरकार द्वारा दलमा क्षेत्र में इको-टूरिज्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से मास्टर प्लान के तहत काम किया जा रहा है। मकुलाकोचा और पिंडराबेड़ा में कुल 11 करोड़ रुपये की लागत से 15-15 कमरों वाले आधुनिक इको रेस्ट हाउस तैयार किए जा रहे हैं।मंत्री ने बताया कि दलमा की चोटी पर स्थित पिंडराबेड़ा में बन रहा ‘हैंगिंग इको रेस्ट हाउस’ भी अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही उसे भी पर्यटकों के लिए चालू कर दिया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार

मकुलाकोचा का यह इको रेस्ट हाउस सैलानियों को दलमा की वादियों, घने जंगलों, वन्यजीवों के नैसर्गिक वातावरण और शांत आबोहवा के बीच समय बिताने का अद्भुत अनुभव प्रदान करेगा।मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू ने कहा कि इस पहल से न केवल राज्य में पर्यटन का नक्शा बदलेगा, बल्कि आसपास के आदिवासी व ग्रामीण बहुल इलाकों में गाइड, कैटरिंग, ट्रांसपोर्ट और हस्तशिल्प के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे।कार्यक्रम के अंत में स्थानीय कलाकारों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक नृत्य-संगीत प्रस्तुत किया गया। इसके बाद मंत्री, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

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