Jharkhand: मरीज के लिए ‘एंबुलेंस’ बनी खाट, सिस्टम की नाकामी का दंश झेलने को मजबूर ग्रामीण

सिमडेगा : झारखंड के सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड में सड़क सुविधा की कमी का दर्द एक बार फिर सामने आया है। टिनगिना पंचायत अंतर्गत चिरोडांड बस्ती में सड़क नहीं होने के कारण बुधवार सुबह एक बीमार महिला को इलाज के लिए खाट पर लादकर सड़क तक पहुंचाना पड़ा।गांव की निवासी जितनी देवी (पति- फगुआ बड़ाईक) की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। गैस्ट्रिक और तेज बुखार के कारण उनकी हालत गंभीर हो गई थी और वह ठीक से बात भी नहीं कर पा रही थीं। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों को मजबूरी में उन्हें खाट पर उठाकर करीब आधा किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।इसके बाद मरीज को निजी वाहन से इलाज के लिए मुनू पटनायक, राउरकेला ले जाया गया।
बरसात में गांव तक नहीं पहुंचती एंबुलेंस सेवा
घटना के बाद ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि चिरोडांड बस्ती तक आज तक सड़क नहीं बन पाई है। खासकर बरसात के दिनों में गांव का संपर्क लगभग टूट जाता है।ग्रामीणों के अनुसार, सड़क के अभाव में 108 एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाएं भी गांव तक नहीं पहुंच पाती हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों को खाट या अन्य साधनों से मुख्य सड़क तक पहुंचाना ग्रामीणों की मजबूरी बन जाती है।
कई बार उठाई सड़क निर्माण की मांग
ग्रामीण बंधना खड़िया ने बताया कि चिरोडांड बस्ती में सड़क निर्माण को लेकर कई बार ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सामने मांग रखी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।उन्होंने कहा कि अगर समय रहते सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो बरसात के मौसम में किसी गंभीर मरीज की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की
ग्रामीण रामेश्वर बड़ाईक, मनक बड़ाईक, रामकिशुन कच्छप, सुनीता देवी, दीप्ति सोरेंग, संजय सोरेंग, दीप्ति देवी और लक्ष्मी देवी ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से चिरोडांड बस्ती तक जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से न सिर्फ मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा, बल्कि बरसात के दौरान आवागमन की समस्या से भी राहत मिलेगी।



