Bihar: जन सुराज ने वोटिंग से पहले 20 नेताओं की गिरफ्तारी का लगाया आरोप, प्रशांत किशोर पर भी केस दर्ज

पटना: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। जन सुराज पार्टी ने दावा किया है कि उसके 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पार्टी का आरोप है कि मतदान से पहले पुलिस-प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर रहा है ताकि चुनाव को प्रभावित किया जा सके।जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर बांकीपुर सीट से चुनाव मैदान में हैं। उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के नीरज कुमार सिन्हा और राष्ट्रीय जनता दल की रेखा गुप्ता से है।
जन सुराज का आरोप- लगातार हो रही गिरफ्तारियां
जन सुराज पार्टी की ओर से बुधवार शाम जारी बयान में कहा गया कि बांकीपुर में सक्रिय कार्यकर्ताओं को लगातार हिरासत में लिया जा रहा है। पार्टी के मुताबिक प्रत्युष पूर्व को जक्कनपुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया, जबकि वरुण कुमार (खगड़िया निवासी) को पीरबहोर थाना पुलिस ने हिरासत में लिया। वहीं अभय शर्मा (मोतिहारी निवासी) को भी जक्कनपुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया।
एसटीएफ पर भी नेताओं को उठाने का दावा
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार एसटीएफ ने भी जन सुराज के कई नेताओं को उठाया है। इनमें विकास सिंह, अमीर इम्तियाज, मनीष झा और सुदर्शन मिश्रा के नाम शामिल हैं।जन सुराज के बांकीपुर विधानसभा निर्वाचन अभिकर्ता अजय द्विवेदी ने इस मामले में पुलिस पर्यवेक्षक को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप करने और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
प्रशांत किशोर पर भी दर्ज हुआ केस
दूसरी ओर, जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में जारी प्रचार वीडियो को फर्जी और AI से तैयार बताया जाने के मामले में प्रशांत किशोर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।यह शिकायत जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार की ओर से पटना के शास्त्री नगर थाने में दर्ज कराई गई है।
30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे
बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।यह सीट बीजेपी नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई थी। उपचुनाव में बीजेपी, आरजेडी और जन सुराज के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना है। प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी और बांकीपुर की राजनीतिक अहमियत को देखते हुए इस चुनाव पर पूरे बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर की नजरें टिकी हैं।



