Bihar: मधुबनी में एटीएस ने मदरसा से मौलाना इजहार को लिया हिरासत में, आतंकी कनेक्शन की जांच तेज

मधुबनी : बिहार के मधुबनी जिले में आतंकवाद निरोधक दस्ता की कार्रवाई से सोमवार को हड़कंप मच गया। एटीएस की टीम ने देर रात शहर के भौआड़ा गोवा पोखर मोहल्ला स्थित एक मदरसा में छापेमारी कर मौलाना इजहार को हिरासत में लिया। इसके साथ ही पंडौल प्रखंड के सरिसव पाही गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया गया।सूत्रों के अनुसार, मौलाना इजहार के कथित तौर पर भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े एक संदिग्ध नेटवर्क से संबंध होने की आशंका के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। हालांकि जांच एजेंसियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
नगर थाना में चल रही पूछताछ
हिरासत में लिए गए मौलाना इजहार को गोपनीय तरीके से नगर थाना परिसर में रखा गया है, जहां एटीएस और स्थानीय पुलिस के अधिकारी उनसे लगातार पूछताछ कर रहे हैं। मधुबनी के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार भी सोमवार दोपहर नगर थाना पहुंचे और मामले की जानकारी ली।हालांकि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी फिलहाल जांच का हवाला देते हुए किसी भी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी करने से बच रहे हैं।
कई ठिकानों पर जारी है छापेमारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एटीएस की टीम जिले के अन्य संभावित संदिग्ध ठिकानों पर भी छापेमारी कर रही है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसियां मौलाना इजहार के संपर्कों और नेटवर्क की गहन पड़ताल में जुटी हैं।बताया जा रहा है कि सोमवार तड़के करीब 3:45 बजे एटीएस और पुलिस की टीम सरिसव पाही गांव स्थित उनके घर पहुंची थी। परिजनों को भी अब तक कार्रवाई के कारणों की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
आतंकी संगठन से संबंध होने की आशंका
कुछ मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि मौलाना इजहार के किसी संदिग्ध आतंकी संगठन से जुड़े होने की आशंका है। हालांकि इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और पूछताछ के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एनआईए की भूमिका पर स्थिति स्पष्ट नहीं
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि कार्रवाई में केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका हो सकती है। हालांकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी अथवा अन्य केंद्रीय एजेंसियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल पूरा अभियान गोपनीय रखा गया है।
आधिकारिक बयान का इंतजार
जांच एजेंसियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि छापेमारी किस विशेष मामले में की गई है, मौलाना इजहार से क्या जानकारी मिली है और उनके खिलाफ क्या साक्ष्य सामने आए हैं। ऐसे में मामले की वास्तविक तस्वीर जांच पूरी होने और आधिकारिक बयान जारी होने के बाद ही साफ हो सकेगी।



