
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बिजनौर दौरे पर रहेंगे, जहां वे पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों और 50 पूर्व सैनिकों-लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित करेंगे। यह कार्यक्रम धामपुर तहसील के आलमपुर गांवड़ी क्षेत्र में आयोजित होगा।
विस्थापित परिवारों को मिलेगा जमीन का कानूनी अधिकार
प्रदेश सरकार लंबे समय से विस्थापित और वंचित परिवारों को भूमि अधिकार देने की दिशा में कार्य कर रही है। इस पहल के तहत पाकिस्तान से आए परिवारों को जमीन का स्वामित्व अधिकार प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे इन परिवारों को सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व मिलेगा।
प्रधानमंत्री आवास और युवा उद्यमी योजना के लाभार्थियों को भी मिलेगा लाभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को आवंटन पत्र एवं चेक भी वितरित करेंगे। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और कॉमन सर्विस सेंटर के सहयोग से संचालित “विदुर प्रेरणा कैफे” का उद्घाटन भी किया जाएगा।
पहले भी हजारों परिवारों को दिए जा चुके हैं भूमि अधिकार
इससे पहले अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खेरी में बांग्लादेश से विस्थापित 331 परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र प्रदान किए थे। वहीं भूमि क्षरण से प्रभावित 2350 परिवारों और थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भी भूमि अधिकार पट्टे आवंटित किए गए थे।
पुनर्वास और आवास योजनाओं पर सरकार का फोकस
मार्च 2026 में बहराइच जिले में आयोजित कार्यक्रम में 118 लाभार्थियों को पुनर्वास सहायता राशि प्रदान की गई थी। साथ ही 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना, शौचालय और भूमि पट्टों का लाभ भी दिया गया था।
विस्थापित परिवारों के पुनर्वास को मिल रही गति
सरकार का दावा है कि भूमि अधिकार, आवास और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से विस्थापित परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। बिजनौर में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम इसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।



