Bihar: कटिहार रेल मंडल के चर्चित देव कुमार गुंजन हत्याकांड का खुलासा, पत्नी और कथित प्रेमी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप

बिहार के चर्चित देव कुमार गुंजन हत्याकांड में रेलवे पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। शुरुआती जांच में जिस घटना को चलती ट्रेन में लूटपाट के दौरान हुई गोलीबारी माना जा रहा था, अब जांच एजेंसियों का कहना है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी।रेलवे पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी ने मिलकर हत्या की साजिश रची। मामले की जांच जारी है और आरोपों का अंतिम सत्यापन न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
जनसाधारण एक्सप्रेस में मारी गई थी गोली
रेल एसपी हरिशंकर के मुताबिक, देव कुमार गुंजन पावर ग्रिड में ग्रेड-1 तकनीशियन के पद पर कार्यरत थे और उनकी तैनाती जमुई के मलयपुर में थी। उनकी पत्नी समित कुमारी सुपौल में एमवीआई के पद पर कार्यरत थीं।बताया गया कि देव कुमार अपनी पत्नी से मिलने के लिए ट्रेन से सुपौल जा रहे थे। इसी दौरान मानसी स्टेशन से आगे बदलाघाट के पास जनसाधारण एक्सप्रेस में उन्हें गोली मार दी गई। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
तकनीकी जांच में सामने आई साजिश
घटना के बाद रेलवे पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त जांच शुरू की। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, तकनीकी साक्ष्य और अन्य वैज्ञानिक जांच के आधार पर मामले की पड़ताल की।जांच के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर हत्या के पीछे पारिवारिक साजिश की आशंका मजबूत हुई।
पत्नी और कथित प्रेमी पर साजिश रचने का आरोप
पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी समित कुमारी का अजीत कुमार नामक युवक के साथ कथित प्रेम संबंध था। अजीत कुमार भी ग्रेड-1 तकनीशियन है और वर्तमान में नालंदा जिले के इस्लामपुर-एकंगरसराय क्षेत्र में तैनात बताया गया है।पुलिस का दावा है कि दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
2017 में हुई थी पहचान
जांच में सामने आया कि वर्ष 2017 में नौकरी के दौरान समित कुमारी और अजीत कुमार की पहचान हुई थी। उस समय दोनों की तैनाती सीतामढ़ी क्षेत्र में थी।वर्ष 2018 में समित कुमारी की शादी देव कुमार गुंजन से हुई। शादी के बाद देव कुमार की पोस्टिंग जमुई के मलयपुर में हो गई, जबकि अजीत कुमार का तबादला नालंदा क्षेत्र में कर दिया गया।
जांच जारी, न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार
रेलवे पुलिस का कहना है कि मामले में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय में सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगा।



