Delhi: विदेशी फंडिंग के आरोपों पर सीजेपी नेता सौरव दास का पलटवार, बोले- सरकार ने अब तक नहीं दिए कोई सबूत

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास ने युवा आंदोलन को विदेशी फंडिंग मिलने के आरोपों को खारिज करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज में एक ऑडियो साझा करते हुए उन्होंने आरोपों को भ्रामक बताया और सवाल किया कि सरकार के पास इन दावों का आधार क्या है।सौरव दास ने ऑडियो के साथ लिखा, “मैं आपके विश्लेषण से सहमत नहीं हूं। मैं आपकी जानकारी से भी सहमत नहीं हूं। यह पूरी तरह भ्रामक जानकारी है। आपको इस तरह की बकवास जानकारी कहां से मिली, मुझे नहीं पता।”दास ने कहा कि विदेशी फंडिंग को लेकर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और सरकार अब तक इनके समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं कर पाई है। उनके मुताबिक, आंदोलन शुरू होने से पहले ही उसे बदनाम करने के लिए नकारात्मक प्रचार किया जा रहा था।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लगाए थे विदेशी फंडिंग के आरोप
दरअसल, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि कॉकरोच जनता पार्टी के युवा आंदोलन को विदेशी फंडिंग मिल रही है। उन्होंने दावा किया था कि विदेशी स्रोतों, डीप स्टेट से जुड़े लोगों और भारत विरोधी संगठनों की ओर से आंदोलन को आर्थिक मदद दी जा रही है।मंत्री ने सीजेपी से जुड़े अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका पर भी आरोप लगाए थे। उनके मुताबिक, दीपके को अमेरिका में रहने वाले लोगों और रांका को पाकिस्तानी नेताओं से आर्थिक मदद मिल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि विदेशी फंडिंग से जुड़े लोग भारत के खिलाफ एक खास नैरेटिव तैयार करने में जुटे हैं।
‘आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश’
सौरव दास ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दक्षिणपंथी समूहों और कट्टरपंथी नेटवर्क की ओर से पहले भी आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की गई थी। अब सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री भी उन्हीं आरोपों को दोहरा रहे हैं, जो शर्मनाक है।उन्होंने सवाल उठाया कि आरोप लगाए जाने के चार से पांच महीने बाद भी उनके समर्थन में कोई सबूत क्यों नहीं दिया गया। दास ने कहा कि बिना प्रमाण के इस तरह के दावे कर युवा आंदोलन की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
सीजेपी ने भी एक्स पर जताई नाराजगी
सीजेपी ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के बयान पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए नाराजगी जताई। संगठन ने कहा कि यह शर्मनाक है कि केंद्र सरकार का एक मंत्री कुछ भी कह सकता है और उससे जवाबदेही नहीं मांगी जाती।संगठन ने आरोपों का आधार सार्वजनिक करने और उनके समर्थन में सबूत पेश करने की मांग की है। विदेशी फंडिंग को लेकर सरकार और सीजेपी नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।



