
लखनऊ: अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव को लखनऊ की सीबीआई अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने करीब 20 साल पुराने अपहरण के एक मामले में उन्हें बरी कर दिया है। बबलू पर कोलकाता के एक नामी होटल मालिक के अपहरण की साजिश रचने का आरोप था। हालांकि, सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में सफल नहीं रहा। बचाव पक्ष के वकील जीशान अल्वी की दलीलों के बाद अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया।
नैनी जेल से अपहरण की साजिश रचने का था आरोप
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, बबलू श्रीवास्तव पर नैनी जेल में बंद रहने के दौरान अपहरण की साजिश रचने और अपने गिरोह को संचालित करने का आरोप था। मामले में उन पर कोलकाता के एक बड़े होटल के मालिक को अगवा करने की योजना बनाने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, अदालत में अभियोजन पक्ष इन आरोपों को प्रमाणित नहीं कर सका।
फिरौती के लिए जौहरी के अपहरण मामले में भी हो चुके हैं बरी
बबलू श्रीवास्तव को इससे पहले जुलाई 2024 में भी अपहरण के एक चर्चित मामले में राहत मिली थी। उत्तर प्रदेश की एक अदालत ने वर्ष 2015 में जौहरी पंकज महिंद्रा के अपहरण मामले में बबलू श्रीवास्तव और उनके भतीजे संकल्प श्रीवास्तव को बरी कर दिया था।पंकज महिंद्रा का 5 सितंबर 2015 को अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने उनकी रिहाई के बदले 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। इस मामले में पंकज के भाई ने प्रयागराज के कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में एसटीएफ की टीम ने फतेहपुर जिले के सोथर थाना क्षेत्र स्थित एक फार्म हाउस से पंकज महिंद्रा को सुरक्षित बरामद किया था।
कौन है अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव?
बबलू श्रीवास्तव का असली नाम ओम प्रकाश श्रीवास्तव है। वह कभी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी रहा था, लेकिन बाद में दोनों के बीच दुश्मनी हो गई। बबलू को सिंगापुर में गिरफ्तार किया गया था और वर्ष 1995 में भारत लाया गया।उस पर हत्या और अपहरण समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उसके खिलाफ 42 मामले दर्ज थे। अलग-अलग मामलों में अदालत से राहत मिलने के बावजूद वह जेल में बंद है।



