Jharkhand: जमशेदपुर साहित्य महोत्सव 2.0 में 18 से 20 दिसंबर तक जुटेंगे साहित्य, कला और संस्कृति के दिग्गज

जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर में आगामी 18 से 20 दिसंबर तक साहित्य, कला, संस्कृति, इतिहास और पर्यटन का राष्ट्रीय समागम देखने को मिलेगा। विद्यादीप फाउंडेशन की ओर से बिष्टुपुर स्थित होटल रमाडा में जमशेदपुर साहित्य महोत्सव 2.0 का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष महोत्सव की केंद्रीय थीम ‘विरासत और पर्यटन’ रखी गई है।महोत्सव के संस्थापक संदीप मुरारका ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन में देशभर के साहित्यकार, शिक्षाविद, कलाकार, इतिहासकार, फिल्मी हस्तियां, प्रशासनिक अधिकारी और सांस्कृतिक विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। आयोजन के विभिन्न सत्रों में भारतीय साहित्य, संगीत, नृत्य, लोक एवं जनजातीय संस्कृति, राजसी विरासत, खान-पान, सिनेमा और पर्यटन से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।
झारखंड की संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
जमशेदपुर साहित्य महोत्सव में झारखंड की लोक संस्कृति, प्राकृतिक संपदा, पाक परंपरा और पर्यटन की संभावनाओं को राष्ट्रीय मंच देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। महोत्सव के दौरान झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय उत्पादों से जुड़े विषयों पर भी संवाद होंगे।आयोजकों के अनुसार, महोत्सव में पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह, पद्मश्री फूलबासन बाई यादव, अनूप रंजन पांडेय, तिलक गीताई, मधु मंसूरी हंसमुख, मुकुंद नायक और पूर्णिमा महतो जैसी विभूतियों की भागीदारी होगी। विभिन्न ऐतिहासिक राजपरिवारों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। अयोध्या के प्रसिद्ध कवि एवं लेखक यतीन्द्र मिश्र भी महोत्सव के प्रमुख आकर्षण होंगे।
साहित्य और शिक्षा जगत की भी रहेगी भागीदारी
साहित्य एवं शिक्षा जगत से प्रो. रंजन कुमार त्रिपाठी, डॉ. मुन्ना कुमार पांडेय, नितेश शर्मा, डॉ. कायनात काज़ी और प्रो. आनन्द वर्धन सहित कई विशेषज्ञ अलग-अलग सत्रों में हिस्सा लेंगे।वहीं सिनेमा जगत से फैसल मलिक, अशोक पाठक, रसिका दुग्गल, तरुण डुडेजा, अनमोल आहूजा और आदर्श गौरव की मौजूदगी रहेगी। प्रशासनिक क्षेत्र से नितिन प्रमोद, अनन्य मित्तल, नीरज जायसवाल और प्रेम रंजन समेत अन्य अधिकारी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
पहले दिन पुरस्कार समारोह, कविता और संगीत की प्रस्तुति
महोत्सव की शुरुआत 18 दिसंबर की शाम पुरस्कार समारोह से होगी। इसके साथ कविता और संगीत की प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी। साहित्य, कला, संस्कृति और समाज के क्षेत्र में योगदान के लिए करीब सात विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक पुरस्कार के साथ एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।वहीं 19 दिसंबर को भरतनाट्यम नृत्यांगना आरोही मुंशी की प्रस्तुति और कवि अभि मुंडे ‘साइको शायर’ की किस्सागोई कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगी।
पाक विरासत से सोशल मीडिया तक होंगे संवाद
जमशेदपुर साहित्य महोत्सव में झारखंड की पाक विरासत, पत्रकारिता, पर्यटन और सोशल मीडिया जैसे विषयों पर भी संवाद आयोजित किए जाएंगे। आयोजन स्थल पर पुस्तकों, हस्तशिल्प, पलाश-आदिवा उत्पादों, छऊ मुखौटों और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
1,500 रुपये में प्रतिनिधि पंजीकरण
स्थानीय साहित्यकारों, कलाकारों और साहित्य प्रेमियों के लिए 1,500 रुपये शुल्क पर प्रतिनिधि पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। पंजीकृत प्रतिनिधियों को भोजन कूपन, प्रतिनिधि बैग, पहचान-पत्र और सहभागिता प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।महोत्सव के जरिए जमशेदपुर को साहित्य, कला, संस्कृति और पर्यटन से जुड़े राष्ट्रीय विमर्श के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।



