Jharkhand: जेपीएससी -जेएसएससी परीक्षा घोटाले के ‘बिहार कनेक्शन’ पर बाबूलाल मरांडी का पलटवार, बोले- असली कनेक्शन रांची का तलाशिए

रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने जेएमएम के आधिकारिक हैंडल से जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा घोटाले में लगाए गए कथित ‘बिहार कनेक्शन’ के आरोप पर तीखा पलटवार किया है। मरांडी ने कहा कि कुछ आरोपियों का संबंध बिहार से होने के आधार पर पूरे राज्य को बदनाम करना उचित नहीं है।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी आरोपी का संबंध देवघर, गिरिडीह, पलामू, हजारीबाग या बोकारो से निकलता है, तो उसके लिए पूरे जिले या राज्य के लोगों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
‘आरोपी बिहार का हो तो पूरा बिहार दोषी कैसे?’
बाबूलाल मरांडी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि किसी व्यक्ति के अपराध के आधार पर पूरे राज्य को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि देवघर निवासी कोई व्यक्ति परीक्षा में अनियमितता का आरोपी या मास्टरमाइंड निकलता है, तो इसके लिए पूरे देवघर या झारखंड को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।मरांडी ने अपने पोस्ट में लिखा कि “बिहार कनेक्शन” जैसे आरोप लगाने से पहले यह देखा जाना चाहिए कि कथित घोटाले में वास्तविक संरक्षण और जिम्मेदारी किस स्तर पर है।
‘रांची कनेक्शन’ का जिक्र कर सरकार पर निशाना
नेता प्रतिपक्ष ने अपने आरोपों में जेपीएससी, जेएसएससी और परीक्षा घोटाले की जांच से जुड़े कई अधिकारियों एवं राजनीतिक नामों का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि विभिन्न पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति किसके निर्णय से हुई और कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच में जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की गई।मरांडी ने अपने पोस्ट में ‘रांची कनेक्शन’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ा जाए तो जांच का दायरा केवल किसी एक राज्य या जिले तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
जांच अधिकारियों पर भी उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने कथित तौर पर जांच से जुड़े अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जिन अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उनके खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों ने जांच को प्रभावित करने और महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करने का काम किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं हुई है।
‘बंगाल कनेक्शन’ पर भी पूछे सवाल
मरांडी ने अपने बयान में ‘बंगाल कनेक्शन’ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के नियामतपुर में कथित तौर पर प्रश्नपत्र से जुड़ी गतिविधियों का हवाला देते हुए पूछा कि परीक्षा घोटाले की जांच में अलग-अलग राज्यों और स्थानों से जुड़े संभावित कनेक्शन की समान रूप से जांच क्यों नहीं की जा रही है।उन्होंने सवाल किया कि यदि जांच में किसी अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जेएमएम ने बताया था ‘बिहार कनेक्शन’
दरअसल, जेएमएम ने हाल में सीआईडी की कार्रवाई का स्वागत करते हुए परीक्षा घोटाले के कथित मास्टरमाइंड और माफिया के ‘बिहार कनेक्शन’ की बात कही थी। पार्टी का कहना था कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर इस कनेक्शन की पड़ताल जरूरी है।इसी बयान के बाद बाबूलाल मरांडी ने पलटवार करते हुए कहा कि आरोपियों के राज्य या जिले को निशाना बनाने के बजाय यह पता लगाया जाना चाहिए कि कथित घोटाले के पीछे वास्तविक संरक्षण किसका था।
जेएमएम ने मरांडी के आरोपों पर भी साधा निशाना
जेएमएम की ओर से पहले भी बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया है कि वे बिना पर्याप्त तथ्य और साक्ष्य के आरोप लगाते हैं तथा विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं।ऐसे में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा से जुड़े मामलों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। वहीं, पूरे मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और सामने आने वाले तथ्यों पर सभी की नजर बनी हुई है।



