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Jharkhand: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में 1,990 छात्राओं को मिली उपाधि, राज्यपाल ने दिया सफलता का मंत्र

जमशेदपुर: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने छात्राओं को जीवन में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा का सर्वोत्तम उपयोग करने का प्रेरक संदेश दिया। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शैक्षणिक यात्रा के पूर्ण होने का अवसर नहीं, बल्कि नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि यह क्षण छात्राओं के साथ-साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी गर्व का अवसर है।

डिग्री से नहीं, प्रतिभा और चरित्र से बनती है पहचान

राज्यपाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री सफलता के अवसरों के द्वार खोल सकती है, लेकिन व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसकी प्रतिभा, चरित्र और व्यवहार से बनती है।उन्होंने छात्राओं से शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, चिकित्सा, उद्योग, खेल और सामाजिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने जीवन में नैतिक मूल्यों और संस्कारों को बनाए रखने की सलाह दी।

1,990 छात्राओं को प्रदान की गई उपाधि

दीक्षांत समारोह के दौरान जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की 1,990 छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं। उपाधि प्राप्त करने वाली छात्राओं के लिए यह अवसर उनके शैक्षणिक जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा।समारोह में सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. इला कुमार, कुलसचिव डॉ. सलोनी कुजूर समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

असफलताओं से घबराने की जरूरत नहीं: राज्यपाल

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने छात्राओं को असफलताओं से निराश नहीं होने की सीख दी। उन्होंने कहा कि जीवन में हर प्रयास सफलता में नहीं बदलता, लेकिन चुनौतियां और असफलताएं व्यक्ति को आगे बढ़ने के लिए नई सीख देती हैं।उन्होंने छात्राओं को निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की सलाह देते हुए इसे सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी बताया।

नई शिक्षा नीति और विकसित भारत 2047 का किया जिक्र

अपने संबोधन में राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को केवल रोजगार तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि कौशल विकास, नवाचार, शोध और रचनात्मकता को बढ़ावा देना भी है।उन्होंने कहा कि देश के विकास में शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।

समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें बेटियां

राज्यपाल ने जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि झारखंड की बेटियां प्रतिभा और क्षमता से भरपूर हैं।उन्होंने छात्राओं से अपनी सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित न रखने, बल्कि उसे समाज और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का आह्वान किया।राज्यपाल ने कहा कि छात्राएं विश्वविद्यालय से केवल डिग्री लेकर न निकलें, बल्कि अपने साथ आत्मविश्वास, संस्कार और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प भी लेकर जाएं।

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