Delhi: राहुल गांधी संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे, पैलेट गन पीड़ित के लिए एफआईआर दर्ज करने की मांग

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। राहुल गांधी पैलेट गन से घायल होने का दावा करने वाले साहिल लोचब और उनके परिवार के साथ पुलिस अधिकारियों से मिलने पहुंचे थे।राहुल गांधी का कहना है कि पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की जाए और मामले में अब तक हुई जांच व पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी जाए।
पैलेट गन से 200 से ज्यादा छर्रे लगने का दावा
राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि 20 जुलाई को कनॉट प्लेस क्षेत्र में हुए प्रदर्शन के दौरान साहिल लोचब पैलेट गन के छर्रों से घायल हुए। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में शरीर में बड़ी संख्या में छर्रे लगने का उल्लेख है।राहुल गांधी के अनुसार, साहिल के शरीर में 200 से अधिक छर्रे लगे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दिल्ली पुलिस पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार कर रही है तो घटना में इस्तेमाल हथियार की जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
एफआईआर दर्ज नहीं होने पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
साहिल लोचब और उनके परिवार का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के संबंध में शिकायत देने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई। राहुल गांधी पहले पीड़ित के साथ कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन पहुंचे और बाद में मामले को लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन स्थित डीसीपी कार्यालय गए।राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच की वर्तमान स्थिति और अब तक की कार्रवाई की जानकारी मांगी। उनका कहना है कि जब तक शिकायत के संबंध में उचित कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग जारी रखेंगे।
दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को शिकायतकर्ता नहीं माना
पुलिस की ओर से कहा गया कि मामले में शिकायत पीड़ित पक्ष की तरफ से दी गई है और राहुल गांधी स्वयं शिकायतकर्ता नहीं हैं। वहीं, कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने पीड़ित के मामले में जांच अधिकारी का संपर्क विवरण मांगा, लेकिन उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया।इससे पहले राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस की ज्वाइंट सीपी नुपुर प्रसाद से भी मुलाकात की।
बीजेपी ने राहुल गांधी के धरने पर उठाए सवाल
इस मुद्दे पर बीजेपी ने राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाए। बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें सुरक्षा बलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के बजाय मामले के तथ्यों को देखना चाहिए।
क्या है पैलेट गन विवाद?
यह विवाद नीट पेपर लीक के विरोध में 20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च से जुड़ा बताया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों के पैलेट जैसे छर्रों से घायल होने के दावे सामने आए थे।मीडिया रिपोर्टों में प्रदर्शनकारियों और मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया और कहा कि पुलिस के पास भीड़ नियंत्रण के लिए ऐसे हथियार उपलब्ध नहीं हैं और उनका इस्तेमाल नहीं किया गया।मामले को लेकर अब एफआईआर दर्ज करने, घटना की जांच कराने और घायलों को न्याय दिलाने की मांग राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है।



