Bihar: दरभंगा स्नातक सीट पर बड़ा उलटफेर, राजद के अनिल झा ने भाजपा के सर्वेश कुमार को 450 मतों से हराया

दरभंगा: बिहार विधान परिषद की दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रत्याशी अनिल कुमार झा ने भाजपा प्रत्याशी और मौजूदा विधान पार्षद सर्वेश कुमार सिंह को 450 मतों से पराजित कर दिया। मतगणना के अधिकांश समय सर्वेश कुमार बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन दूसरी वरीयता के मतों की गिनती और हस्तांतरण के बाद चुनाव परिणाम बदल गया।जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी मोहम्मद इम्तियाज के मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयता के मतों की गणना निर्णायक साबित हुई। अंतिम तीन प्रत्याशियों के बीच मुकाबले के दौरान सर्वेश कुमार 1,046 मतों से आगे थे। हालांकि, मतों के हस्तांतरण के बाद अनिल झा आगे निकल गए और उन्होंने 450 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
मतगणना के अधिकांश समय आगे रहे सर्वेश कुमार
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में भाजपा प्रत्याशी सर्वेश कुमार अधिकांश समय बढ़त बनाए हुए थे। पहली वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने के बाद भी वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अनिल झा से आगे थे।हालांकि, निर्धारित जीत का कोटा पूरा नहीं होने के कारण मतगणना वरीयता आधारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ी। इस दौरान कम मत पाने वाले प्रत्याशियों को क्रमशः बाहर किया गया और उनके मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयताओं के अनुसार मतों का हस्तांतरण किया गया।
दूसरी वरीयता के वोटों से पलट गया परिणाम
वरीयता आधारित मतगणना में जब कोई प्रत्याशी जीत के लिए निर्धारित कोटा हासिल नहीं कर पाता, तो सबसे कम मत पाने वाले प्रत्याशी को बाहर किया जाता है। उसके मतपत्रों पर दर्ज अगली उपलब्ध वरीयता के अनुसार मत शेष प्रत्याशियों को हस्तांतरित किए जाते हैं।दरभंगा सीट पर अंतिम तीन प्रत्याशियों के बीच मुकाबले के दौरान सर्वेश कुमार 1,046 मतों से आगे थे। इसके बाद जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी मोहम्मद इम्तियाज के मतपत्रों पर दर्ज दूसरी वरीयता के मतों की गणना हुई। मतों के हस्तांतरण के बाद अनिल झा ने बढ़त हासिल कर ली और अंततः 450 मतों से चुनाव जीत लिया।
2020 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीते थे सर्वेश कुमार
सर्वेश कुमार का पिछला चुनावी सफर भी चर्चा में रहा था। वर्ष 2020 के चुनाव में उन्होंने भाजपा से अलग होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में उन्होंने जदयू प्रत्याशी दिलीप चौधरी को हराकर पहली बार बिहार विधान परिषद में प्रवेश किया था।इस बार वह भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे थे। मतगणना के शुरुआती और मध्य चरणों में बढ़त के बावजूद दूसरी वरीयता के मतों के हस्तांतरण के बाद उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
वरीयता आधारित मतगणना बनी निर्णायक
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम बताता है कि वरीयता आधारित चुनाव में पहली वरीयता के मतों में बढ़त होना अंतिम जीत की गारंटी नहीं है। एलिमिनेशन राउंड में मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयताओं के आधार पर होने वाला मतों का हस्तांतरण मुकाबले की दिशा बदल सकता है।इसी प्रक्रिया के अंतिम चरण में राजद के अनिल कुमार झा ने भाजपा के सर्वेश कुमार सिंह को 450 मतों से हराकर जीत दर्ज की।



