Jharkhand: जनसुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता का शव बरामद, ट्रेन से लापता होने के बाद मुरी के जंगल में मिला

रांची: जनसुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर 21 वर्षीय देवपालिक गुप्ता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया है। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले देवपालिक सोमवार को रांची से पटना जाने के दौरान अचानक लापता हो गए थे। काफी तलाश के बाद उनका शव मुरी जंक्शन के पास झाड़ियों और जंगल क्षेत्र से बरामद हुआ। उनकी मौत की खबर से पार्टी कार्यकर्ताओं और परिजनों में शोक का माहौल है।

रांची से पटना जाने के दौरान हुए थे लापता

जानकारी के अनुसार, देवपालिक गुप्ता जनसुराज पार्टी में डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। सोमवार को वह किसी काम से रांची से बिहार की राजधानी पटना जाने के लिए जनशताब्दी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12366) में सवार हुए थे।बताया जा रहा है कि ट्रेन के रांची और मुरी जंक्शन के बीच पहुंचने के दौरान वह अचानक अपनी सीट से लापता हो गए। काफी देर तक उनसे संपर्क नहीं होने और पटना नहीं पहुंचने पर परिजनों तथा सहयोगियों ने उनकी तलाश शुरू की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

मुरी जंक्शन के पास जंगल में मिला शव

सूचना मिलने के बाद पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल ने संभावित इलाकों में तलाश अभियान चलाया। तलाशी के दौरान मुरी जंक्शन के पास झाड़ियों और जंगल क्षेत्र से देवपालिक का शव बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, ताकि मामले की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

ट्रेन से गिरने या किसी साजिश की आशंका की जांच

देवपालिक गुप्ता की मौत किन परिस्थितियों में हुई, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उनकी मौत ट्रेन से गिरने के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।जांच के तहत घटनास्थल और संबंधित रेलखंड से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। साथ ही, उनके मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन और कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है, ताकि लापता होने से पहले की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल सके।फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही देवपालिक गुप्ता की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

Exit mobile version