Chhattisgarh: रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर खड़े ट्रक से बस की भीषण टक्कर, पांच की मौत, 16 घायल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रक से यात्री बस की भीषण टक्कर हो गई। हादसे में तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 16 यात्री घायल हो गए। बाद में उपचार के दौरान दो और घायलों ने दम तोड़ दिया। इस तरह दुर्घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई। मृतकों में बस चालक और हेल्पर भी शामिल हैं।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कुछ यात्रियों की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया।

खड़े ट्रक से टकराई यात्री बस

जानकारी के अनुसार, यात्री बस क्रमांक सीजी-04-एनएम-0859 रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे से गुजर रही थी। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े ट्रक क्रमांक सीजी-07-बीएल-4370 से बस टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में सवार कई यात्रियों को गंभीर चोटें आईं।दुर्घटना के बाद राहत और बचाव की कोशिशें शुरू की गईं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजा गया।

मृतकों में बस चालक और हेल्पर भी शामिल

हादसे में जान गंवाने वालों में भागीरथ यादव (37), निवासी खजरीकला, जिला जशपुर; पवन देवांगन (24), निवासी बलंगी, जिला बलरामपुर; और समीम मोहम्मद (39), निवासी सरना, जिला बलरामपुर शामिल हैं।जानकारी के मुताबिक, भागीरथ यादव बस चला रहा था, जबकि पवन देवांगन हेल्पर के रूप में कार्यरत था। समीम मोहम्मद बस में यात्री के रूप में सफर कर रहे थे।वहीं, हादसे में घायल अतुल कुमार और सुंदरलाल की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद दुर्घटना में मृतकों की कुल संख्या पांच हो गई।

16 यात्री घायल, गंभीर मरीजों का इलाज जारी

दुर्घटना में 16 यात्री घायल हुए। घायलों में वासुदेव राव, निर्मला यादव, अमन गुप्ता, सतीश भगत और अनिल यादव समेत अन्य लोग शामिल बताए गए हैं। सभी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को चिकित्सकों की सलाह पर बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया।

हाईवे पर खड़े भारी वाहनों की सुरक्षा पर सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों से होने वाले खतरे को उजागर किया है। रात के समय कम रोशनी और दृश्यता घटने के कारण सड़क किनारे खड़े ट्रक समय पर दिखाई नहीं देते। ऐसे में पीछे से आने वाले वाहनों के उनसे टकराने का जोखिम बढ़ जाता है।वाहनों पर रिफ्लेक्टर और पर्याप्त चेतावनी संकेत नहीं होने से भी दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है। घटना के बाद हाईवे पर भारी वाहनों की पार्किंग, सुरक्षा इंतजाम और यातायात निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में रात्रि गश्त बढ़ाने, सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने और भारी वाहनों पर रिफ्लेक्टर सहित जरूरी सुरक्षा उपकरणों की जांच सुनिश्चित करने की जरूरत है।

Exit mobile version