जादूगोड़ा। यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के बंदूहुड़ंग ओपन कास्ट माइंस में स्थानीय लोगों और विस्थापित परिवारों को रोजगार देने की मांग तेज हो गई है। सुमु यूनियन के अध्यक्ष बाबूलाल सोरेन ने रोजगार की मांग को लेकर प्रबंधन और ठेका कंपनी को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है।उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय के भीतर स्थानीय लोगों और विस्थापित परिवारों को रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया तो बेरोजगार युवाओं एवं विस्थापितों के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन गेट जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ठेका कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर से हुई वार्ता
बाबूलाल सोरेन ने जादूगोड़ा स्थित यूनियन कार्यालय में बैठक कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बंदूहुड़ंग ओपन कास्ट माइंस में रोजगार के मुद्दे को लेकर ठेका कंपनी आरएसए कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर से वार्ता की गई है।स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग को लेकर कंपनी को करीब 150 मजदूरों की सूची भी सौंपी गई है। यूनियन ने सूची में स्थानीय बेरोजगार युवाओं के साथ-साथ विस्थापित परिवारों से जुड़े लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की है।
विस्थापितों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग
बाबूलाल सोरेन ने कहा कि बंदूहुड़ंग माइंस में स्थानीय लोगों की जमीन और क्षेत्र के संसाधनों का उपयोग हो रहा है। ऐसे में विस्थापित और प्रभावित परिवारों को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।उन्होंने कहा कि रोजगार के अभाव में क्षेत्र के कई युवा बेरोजगार हैं, जबकि परियोजना में बाहरी लोगों को रोजगार दिए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
एक सप्ताह में बहाली प्रक्रिया शुरू करने की मांग
यूनियन अध्यक्ष के अनुसार रोजगार की मांग को लेकर तैयार सूची में कुल 150 लोगों के नाम शामिल हैं। यूनियन ने मांग की है कि सूची के आधार पर एक सप्ताह के भीतर मजदूरों की बहाली की प्रक्रिया शुरू की जाए।
मांग पूरी नहीं हुई तो गेट जाम आंदोलन
बाबूलाल सोरेन ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर स्थानीय लोगों और विस्थापितों की रोजगार संबंधी मांग पर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो यूनियन विस्थापितों और बेरोजगार लोगों के साथ मिलकर बंदूहुड़ंग ओपन कास्ट माइंस के गेट पर अनिश्चितकालीन गेट जाम आंदोलन शुरू करेगी।उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन की होगी।
