Bihar: बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह का इस्तीफा, नए सभापति के लिए रामबचन राय के नाम की चर्चा

पटना: बिहार की राजनीति में विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद नए सभापति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनके इस्तीफे के बाद उपसभापति डॉ. रामबचन राय कार्यकारी सभापति बन गए हैं। नए सभापति के निर्वाचन को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। हालांकि, रामबचन राय को स्थायी सभापति बनाए जाने की अब तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

जेडीयू के खाते में जा सकता है सभापति का पद

मिली जानकारी के अनुसार, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच बनी सहमति के बाद अवधेश नारायण सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। इसके बाद सभापति का पद जेडीयू के खाते में जाने की चर्चा है। इसी क्रम में उपसभापति डॉ. रामबचन राय का नाम संभावित उम्मीदवार के तौर पर सामने आ रहा है।
हालांकि, नए सभापति के नाम पर अंतिम फैसला और निर्वाचन की आधिकारिक प्रक्रिया को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।

तीन बार एमएलसी रह चुके हैं रामबचन राय

डॉ. रामबचन राय बिहार विधान परिषद के अनुभवी सदस्य हैं। वह तीन बार विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) रह चुके हैं। पहले राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में रहे रामबचन राय बाद में जेडीयू में शामिल हो गए थे। सदन के कामकाज का उन्हें लंबा अनुभव है।अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद उन्हें कार्यकारी सभापति की जिम्मेदारी मिली है। अब उनके स्थायी सभापति बनने की संभावनाओं पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है।

बिहार विधान परिषद में 75 सदस्य

बिहार विधान परिषद में कुल 75 सदस्य हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इनमें बीजेपी के 26, जेडीयू के 20 और आरजेडी के 15 सदस्य हैं। शेष सदस्य कांग्रेस, निर्दलीय और अन्य दलों से जुड़े हैं।ऐसे में सभापति पद को लेकर जेडीयू और बीजेपी के बीच समन्वय की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। अब नए सभापति के निर्वाचन और आधिकारिक घोषणा पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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