Jharkhand: 26 वर्षों में जब्त हुई अवैध शराब का बनेगा डिजिटल डेटाबेस, उत्पाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने सभी एसपी से मांगा ब्योरा

रांची: झारखंड में पुलिस और उत्पाद विभाग के मालखानों में वर्षों से पड़ी जब्त अवैध शराब का अब पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। उत्पाद एवं मद्यनिषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर पिछले 26 वर्षों में पुलिस द्वारा जब्त की गई अवैध शराब का विस्तृत ब्योरा मांगा है।विभाग का उद्देश्य जिलावार और थाना स्तर पर जब्त शराब की जानकारी जुटाकर उसका व्यवस्थित डेटाबेस तैयार करना और रिकॉर्ड को डिजिटल रूप देना है।
उत्पाद विभाग के पास नहीं है 26 वर्षों का समेकित रिकॉर्ड
मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो के अनुसार, झारखंड गठन के 26 साल पूरे होने के बावजूद अलग-अलग जिलों में पुलिस द्वारा जब्त की गई अवैध शराब और मालखानों में रखे स्टॉक का समेकित रिकॉर्ड उत्पाद विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।इसी को देखते हुए अब जिलावार और थाना स्तर पर पुरानी जब्तियों का रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। विभाग सभी जिलों से प्राप्त जानकारी को एक जगह संकलित कर व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करेगा।
एसपी से मांगी गई जब्त शराब की पूरी जानकारी
उत्पाद विभाग ने सभी जिलों के एसपी से जब्त शराब से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें किस जिले और थाना क्षेत्र में शराब जब्त हुई, जब्ती की तारीख, कांड संख्या और बरामद शराब की मात्रा जैसी जानकारी शामिल होगी।इसके अलावा संबंधित मामलों की वर्तमान स्थिति और जब्त शराब से जुड़े अन्य रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं। विभाग इन आंकड़ों को एकत्र कर डिजिटल डेटाबेस तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।
जहरीली शराब को लेकर भी विभाग चिंतित
मंत्री ने कहा कि अवैध शराब के मामलों में जब्त सामग्री का रिकॉर्ड रखना और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका समय पर निस्तारण करना महत्वपूर्ण है। अवैध तरीके से तैयार शराब में जहरीले पदार्थ होने की आशंका रहती है। ऐसे में लंबे समय से मालखानों में पड़ी जब्त शराब को लेकर भी विभाग गंभीरता से काम कर रहा है।जब्त शराब के विनष्टीकरण के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होता है। इसके लिए संबंधित मामले, जब्ती का रिकॉर्ड और केस की कानूनी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। इसी वजह से पुराने मामलों का पूरा रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है।
मालखानों में रखी शराब का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
विभाग की योजना वर्षों से पुलिस और उत्पाद विभाग के मालखानों में रखी जब्त शराब का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की है। इसमें शराब की मात्रा, जब्ती की तारीख, थाना, कांड संख्या और मामले से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज की जाएगी।डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने के बाद किसी भी जिले या थाना क्षेत्र में हुई शराब की जब्ती से संबंधित जानकारी को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। इससे रिकॉर्ड प्रबंधन में पारदर्शिता और निगरानी बेहतर होने की उम्मीद है।
अवैध शराब के कारोबार की निगरानी में मिलेगी मदद
उत्पाद विभाग का मानना है कि जब्त शराब का व्यवस्थित और विस्तृत रिकॉर्ड तैयार होने से अवैध शराब के कारोबार की निगरानी मजबूत करने में मदद मिलेगी। साथ ही नकली और अवैध शराब से जुड़े मामलों की मॉनिटरिंग तथा आबकारी राजस्व की चोरी रोकने के प्रयासों में भी यह डेटाबेस उपयोगी हो सकता है।सभी जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग पिछले 26 वर्षों में हुई शराब जब्ती का समेकित रिकॉर्ड तैयार करेगा। इसके आधार पर मालखानों में लंबे समय से रखी जब्त शराब के निस्तारण की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा सकेगा।



