बक्सर : बक्सर जिले के डुमरांव स्थित नथुनी अहिर के डेरा स्थित मध्य विद्यालय में नामांकित छात्राओं के साथ छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और ऑडियो के जरिए धमकाने के मामले में शिक्षा विभाग ने नजीर पेश करने वाली कार्रवाई की है। विभागीय जांच में आरोप सत्य पाए जाने के बाद दोनों आरोपी शिक्षकों को सरकारी सेवा से तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।बर्खास्त किए गए शिक्षकों में विद्यालय के सहायक शिक्षक विरेन्द्र प्रसाद और विद्यालय अध्यापक अरविन्द कुमार शामिल हैं।
निलंबन से बर्खास्तगी तक, 19 दिनों में पूरा हुआ जांच का चक्र
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। मामला उजागर होते ही शिक्षा विभाग ने 2 सितंबर 2026 को दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया था।इसके अगले ही दिन 3 सितंबर 2026 को दोनों के खिलाफ औपचारिक आरोप तय कर विभागीय जांच बैठा दी गई थी। जांच में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने, उनके आपत्तिजनक वीडियो/ऑडियो बनाकर वायरल करने और शिकायत करने पर धमकी देने के तमाम आरोप पूरी तरह सही पाए गए।
‘बिहार सरकारी सेवक नियमावली’ के तहत कार्रवाई; भविष्य में सरकारी नौकरी पर रोक
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने मामले की गहन समीक्षा की और दोनों शिक्षकों पर सेवामुक्ति की गाज गिराई। यह निष्कासन ‘बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005’ के नियम 14 (XI) के तहत किया गया है। बर्खास्तगी का अर्थ है कि दोनों आरोपी अब जीवन में कभी भी किसी भी सरकारी नौकरी या पद के लिए योग्य नहीं रहेंगे।
पोस्को एक्ट में एफआईआर , फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकदमा — शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी
मामला सामने आने के बाद बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सख्त रुख अपनाते हुए बक्सर के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दोनों आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अविलंब गिरफ्तारी का आदेश दिया था।शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर स्पीडी ट्रायल के जरिए जल्द से जल्द सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि विद्यालयों में बच्चों, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा और अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
