Jharkhand: बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल का जमशेदपुर में असर, पांच दिवसीय बैंकिंग समेत इन मांगों को लेकर प्रदर्शन

जमशेदपुर। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को देशभर के बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आयोजित इस देशव्यापी हड़ताल का असर जमशेदपुर में भी देखने को मिल रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शाखा स्तर का कामकाज प्रभावित हुआ है।बैंक यूनियनों के अनुसार, यूएफबीयू से जुड़े संगठन देशभर में करीब 90 प्रतिशत बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। हड़ताल का प्रमुख मुद्दा सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग है।

पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग

बैंक यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते के दौरान सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन इसके बावजूद इसे अब तक लागू नहीं किया गया है।यूनियनों का आरोप है कि इस मांग पर सहमति बनने के बाद भी अंतिम निर्णय और क्रियान्वयन में देरी हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर बैंक कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन तेज किया है।

पीएलआई व्यवस्था और पेंशन के मुद्दे पर भी विरोध

पांच दिवसीय बैंकिंग के अलावा संशोधित पीएलआई व्यवस्था को लेकर भी बैंक यूनियनों में विरोध है।इसके साथ ही पेंशन से जुड़े मुद्दों और कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों को भी हड़ताल के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है। यूनियनों का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के स्तर पर समाधान की जरूरत है।

जमशेदपुर में शाखाओं का कामकाज प्रभावित

शुक्रवार की हड़ताल के कारण जमशेदपुर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित रहा। इसका असर नकद जमा-निकासी, चेक क्लियरिंग, ड्राफ्ट, केवाईसी , ऋण संबंधी कार्य और अन्य शाखा आधारित बैंकिंग सेवाओं पर पड़ रहा है।जमशेदपुर एक प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक शहर है, ऐसे में बैंक शाखाओं के कामकाज में व्यवधान का असर कारोबारियों और आम ग्राहकों पर भी पड़ सकता है।

कितने करोड़ का बैंकिंग कारोबार प्रभावित? आधिकारिक आंकड़ा नहीं

जमशेदपुर में शुक्रवार की हड़ताल से कितने करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ, इसका सत्यापित आधिकारिक आंकड़ा फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।हड़ताल समाप्त होने के बाद बैंक यूनियनों या स्थानीय बैंक समन्वय संगठनों की ओर से क्लियरिंग और शाखागत लेन-देन के आंकड़ों के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। इसलिए फिलहाल प्रभावित कारोबार की कोई अनुमानित राशि बताना उचित नहीं होगा।

यूपीआई , इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम सेवाएं रहने की उम्मीद

हड़ताल मुख्य रूप से बैंक शाखाओं के कर्मचारियों के कामकाज से जुड़ी है। ऐसे में यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम जैसी डिजिटल एवं स्वचालित सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है।हालांकि किसी विशेष बैंक या सेवा में तकनीकी समस्या होने पर स्थिति अलग हो सकती है। ग्राहकों को शाखा से जुड़े जरूरी कार्यों के लिए हड़ताल की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपनी योजना बनानी पड़ सकती है।

सितंबर में तीन दिन की हड़ताल प्रस्तावित

बैंक यूनियनों ने सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन पर दबाव बढ़ाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। शुक्रवार की एकदिवसीय हड़ताल के बाद 28, 29 और 30 सितंबर को लगातार तीन दिनों की देशव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है।यदि इन मांगों पर भी समाधान नहीं निकलता है, तो बैंक यूनियनों ने 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।

अक्टूबर में बैंकिंग सेवाओं पर पड़ सकता है व्यापक असर

ऐसे में शुक्रवार की हड़ताल केवल एक दिन बैंक शाखाओं के प्रभावित रहने तक सीमित नहीं है। यदि सरकार और बैंक यूनियनों के बीच पांच दिवसीय बैंकिंग, पीएलआई, पेंशन और अन्य लंबित मुद्दों पर सहमति नहीं बनती है, तो सितंबर के अंत और अक्टूबर में बैंकिंग सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।फिलहाल बैंक कर्मचारियों के आंदोलन के चलते जमशेदपुर समेत देशभर में शाखा आधारित बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हैं।

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