Jharkhand: राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन-2026 की तैयारियों की अंतिम समीक्षा बैठक संपन्न,13 राज्यों से पहुंचेंगे 150 प्रतिभागी

जमशेदपुर। एन.आई.टी. जमशेदपुर में आगामी 09 एवं 10 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन-2026 की तैयारियों को लेकर रविवार को अंतिम समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में सम्मेलन की कार्यक्रम रूपरेखा, विभिन्न व्यवस्थाओं तथा पिछली बैठक में गठित समितियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
डॉ. पियूष रंजन ने की बैठक की अध्यक्षता
बैठक की अध्यक्षता डॉ. पियूष रंजन, कुलपति, झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची एवं प्रांत अध्यक्ष, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, झारखंड प्रांत ने की। कार्यक्रम का संचालन एवं विभिन्न समितियों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा डॉ. विजय कुमार सिंह, क्षेत्रीय संयोजक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा की गई।बैठक में सम्मेलन की विस्तृत कार्यक्रम रूपरेखा के साथ विभिन्न विभागों की कार्ययोजना, समितियों की जिम्मेदारियों और आयोजन से संबंधित व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले प्रतिभागियों के स्वागत, आवास, भोजन, परिवहन और अन्य सुविधाओं को लेकर भी अंतिम स्तर की तैयारियों की समीक्षा की गई।
13 राज्यों से करीब 150 प्रतिभागी होंगे शामिल
दो दिवसीय राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन-2026 में देश के 13 राज्यों से लगभग 150 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। विभिन्न राज्यों से महिला शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधियों तथा महिला नेतृत्व के क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख हस्तियों की सहभागिता सम्मेलन को विशेष महत्व प्रदान कर रही है।आयोजकों के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन की मेजबानी करना झारखंड और जमशेदपुर के लिए गौरव का विषय है। सम्मेलन में महिला नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श होने की उम्मीद है।
आयोजन की तैयारियों में इनकी अहम भूमिका
सम्मेलन की तैयारियों एवं आयोजन की जिम्मेदारियों में कई पदाधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इनमें डॉ. शुक्ला महंती, पूर्व कुलपति, कोल्हान विश्वविद्यालय एवं कार्यक्रम संयोजिका, राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन-2026; डॉ. कविता परमार, क्षेत्रीय संयोजक, पर्यावरण शिक्षा, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास एवं सह-संयोजिका; तथा डॉ. सरोज कुमार षाड़ंगी, कुलसचिव, एन.आई.टी. जमशेदपुर एवं सह-संस्था संयोजक, राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन-2026 प्रमुख हैं।
समितियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश
समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप देना और कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए सभी समितियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना था।बैठक में विभिन्न समितियों द्वारा अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही, जिन कार्यों को पूरा किया जाना बाकी है, उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया गया। सम्मेलन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों और समितियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया।
मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन पर व्यक्त किया गया शोक
बैठक के दौरान झारखंड सरकार के पर्यटन एवं उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। उपस्थित सभी सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उनके परिजनों एवं समर्थकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
महिला नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन पर होगा महत्वपूर्ण विमर्श
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने सामूहिक प्रयास, बेहतर समन्वय और समयबद्ध तैयारी के साथ सम्मेलन को सफल बनाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन-2026 के माध्यम से महिला नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण विमर्श को आगे बढ़ाने की दिशा में सार्थक पहल होगी।
बैठक में ये प्रमुख लोग रहे उपस्थित
बैठक में मुख्य रूप से डॉ. विजय कुमार सिंह, क्षेत्रीय संयोजक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास; श्री महेन्द्र सिंह, प्रांत संयोजक; डॉ. शुक्ला महंती, पूर्व कुलपति, कोल्हान विश्वविद्यालय एवं कार्यक्रम संयोजिका; डॉ. रंजीत प्रसाद, राष्ट्रीय सह-संयोजक, तकनीकी शिक्षा, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास; प्रो. अमरनाथ सिंह, विभाग संयोजक, जमशेदपुर; शिवम् शर्मा, महानगर संयोजक, विद्यालय शिक्षा; मंजू सिंह, महानगर सह-संयोजक; डॉ. मनोज कुमार, विभाग संयोजक, शिक्षक शिक्षा; डॉ. सरोज कुमार षाड़ंगी, कुलसचिव, एन.आई.टी. जमशेदपुर एवं सह-संस्था संयोजक; डॉ. कविता परमार, सह-संयोजिका; डॉ. कनिका प्रसाद, विभाग सह-संयोजक, तकनीकी शिक्षा; डॉ. जे. राजेश, डीन एडमिनिस्ट्रेशन, श्रीनाथ विश्वविद्यालय; श्री राधेश्याम तिवारी, श्रीनाथ विश्वविद्यालय सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।



