Jharkhand: सुदिव्य कुमार सोनू को अंतिम विदाई देते वक्त छलके हेमंत सोरेन के आंसू, बोले- दिल कैसे मान ले कि आप हमारे साथ नहीं हैं

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने बेहद करीबी सहयोगी और बड़े भाई समान मित्र एवं झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अंतिम विदाई के दौरान मुख्यमंत्री अपने आंसुओं को रोक नहीं सके। उन्होंने इस दुखद क्षति को अपनी व्यक्तिगत और अपूरणीय क्षति बताया।सुदिव्य कुमार सोनू के अंतिम संस्कार के दौरान मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। बाद में उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से दिवंगत मंत्री के साथ अपने करीबी संबंधों और उनसे जुड़ी यादों को साझा किया।
‘मन मानने को तैयार नहीं कि सोनू भैया अब हमारे बीच नहीं हैं’
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू के जाने से ऐसा लगा जैसे समय ठहर गया हो। उन्होंने भावुक संदेश में कहा कि उनका मन यह स्वीकार करने को तैयार नहीं है कि सोनू भैया अब उनके बीच नहीं हैं।उन्होंने कहा कि अंतिम विदाई के उस क्षण में ऐसा लगा जैसे वक्त रुक गया हो। आंखों के सामने उनकी मुस्कुराती हुई छवि, उनका स्नेह और अपनापन बार-बार सामने आ रहा था।
‘कुछ रिश्ते किसी नाम या औपचारिकता के मोहताज नहीं होते’
अपने और सुदिव्य कुमार सोनू के रिश्ते को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ रिश्ते किसी नाम या औपचारिकता के मोहताज नहीं होते। सोनू भैया के साथ उनका रिश्ता भी ऐसा ही था।हेमंत सोरेन के अनुसार, उन्हें सुदिव्य कुमार सोनू में एक बड़े भाई का सच्चा स्नेह और एक दोस्त का अपनापन एक साथ मिला। उन्होंने कहा कि उनसे जुड़ी यादें आज भी उनके मन को भीतर तक भिगो रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही सुदिव्य कुमार सोनू का शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया, लेकिन उनका स्नेह, उनकी बातें, उनका संघर्ष और उनके साथ बिताया हर पल हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेगा।
‘दिल कैसे मान ले कि अब आप हमारे साथ नहीं हैं’
अंतिम संस्कार के दौरान अपने प्रिय सहयोगी को दी गई विदाई का जिक्र करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि उन्होंने सोनू भैया को विदा तो कर दिया, लेकिन दिल यह मानने को तैयार नहीं है कि अब वह उनके साथ नहीं हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू की कमी हमेशा खलेगी और वह हमेशा उनके दिलों में जीवित रहेंगे।



