Madhya Pradesh: सीहोर में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट शुरू, सीएम मोहन यादव ने किया रोल-आउट का शुभारंभ

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4 सितंबर को सीहोर जिले में क्रॉम्पटन ग्रीव्स की नई पावर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट के ट्रांसफॉर्मर रोल-आउट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। निवेश बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित होते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छोटे-बड़े सभी निवेशकों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

888 करोड़ की लागत से तैयार हुई नई ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जन्माष्टमी के पावन अवसर पर 888 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की नई पावर ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री प्रदेश को बड़ी सौगात है।उन्होंने बताया कि दो दिन पहले ही केबल निर्माण के लिए 106 करोड़ रुपये की लागत वाली फैक्ट्री का भूमि-पूजन किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार नए औद्योगिक निवेश आ रहे हैं और इससे रोजगार के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल रही है।

आठ महीने में कई बड़ी औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण और भूमि-पूजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले करीब आठ महीनों में गोदरेज सहित कई बड़ी कंपनियों की औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण और भूमि-पूजन किए गए हैं।ग्वालियर-चंबल अंचल में गोदरेज इंडस्ट्रीज ने साबुन निर्माण के लिए अपनी चौथी और एशिया की सबसे बड़ी यूनिट का शुभारंभ किया है।उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण देश की बड़ी कंपनियों के बीच प्रदेश में निवेश और उद्योग स्थापित करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो रही है।

उद्योगों से बढ़ेंगे रोजगार, टैक्स कलेक्शन और आर्थिक समृद्धि

सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में स्थापित हो रही फैक्ट्रियों में केवल उत्पाद तैयार नहीं होते, बल्कि इनके माध्यम से राज्य की आर्थिक समृद्धि, टैक्स कलेक्शन और रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य औद्योगिक निवेश को स्थानीय युवाओं के रोजगार से जोड़ना है, ताकि प्रदेश के लोगों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकें।

सिर्फ 13 महीने में तैयार हुई ट्रांसफॉर्मर निर्माण यूनिट

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीहोर निवेश के लिए सुरक्षित और बेहतर रिटर्न की संभावनाओं वाला जिला है। पर्यटन के क्षेत्र में भी सीहोर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सीहोर अब भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी का हिस्सा है, जिसका भविष्य में यहां के नागरिकों को लाभ मिलेगा।उन्होंने बताया कि पिछले साल अगस्त में भूमि-पूजन के बाद रिकॉर्ड 13 महीने में सीहोर में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर निर्माण फैक्ट्री उत्पादन के लिए तैयार हुई है।मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश की ग्रोथ की पांच अहम कड़ियां बताते हुए पैशन, पोटेंशियल, पॉलिसी, परफॉर्मेंस और प्रोडक्शन का उल्लेख किया।

हर साल 365 ट्रांसफॉर्मर बनेंगे, 2 हजार लोगों को रोजगार

नई यूनिट की क्षमता के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां हर वर्ष 365 ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जाएंगे। इससे करीब 2 हजार लोगों को रोजगार मिलने की बात कही गई है।उन्होंने कहा कि सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की यूनिट के आसपास मौजूद खाली जमीन से छोटे-बड़े झाड़ हटाने में राज्य सरकार सहयोग करेगी।

भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही: मोहन यादव

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और मध्य प्रदेश भी देश के साथ कदम से कदम मिलाकर विकास कर रहा है।उन्होंने हालिया आर्थिक आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की विकास दर 7.8 प्रतिशत है, जबकि अमेरिका की ग्रोथ रेट 2 प्रतिशत और चीन की 4 प्रतिशत बताई गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था की रफ्तार को और तेज कर रहा है। उन्होंने केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के ट्रेड डील से जुड़े बयान का भी उल्लेख किया और कहा कि देश के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर टेस्टिंग लैब भी सीहोर में

सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के सीईओ अमर कौल ने कहा कि कंपनी के लिए सीहोर यूनिट एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।उन्होंने कहा कि कंपनी आधुनिक मशीनों के माध्यम से उत्पादन करेगी। नई यूनिट में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर टेस्टिंग लैब तैयार की गई है।अमर कौल के अनुसार, यूनिट में हर महीने करीब 35 ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जाएंगे। इन ट्रांसफॉर्मरों का आकार लगभग तीन मंजिला बंगले के बराबर होगा।

यूनिट की 36 प्रतिशत बिजली सोलर एनर्जी से मिलेगी

सीईओ ने बताया कि यूनिट की बिजली जरूरत का करीब 36 प्रतिशत हिस्सा सोलर एनर्जी से पूरा किया जाएगा।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से सीहोर में यह यूनिट केवल 13 महीने में उत्पादन के लिए तैयार हुई है। कंपनी ने विकसित भारत और समृद्ध मध्य प्रदेश के निर्माण में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।

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