Jharkhand: काम दिलाने के नाम पर 5 लड़कियों को गुजरात ले जाने का आरोप, 3 नाबालिगों को आरपीएफ ने बचाया

गालूडीह: बाघुडिया पंचायत के नरसिंहपुर गांव के जोरघुटू में रोजगार दिलाने और अच्छे पैसे देने का झांसा देकर 2 बालिग और 3 नाबालिग लड़कियों को गुजरात ले जाने का मामला सामने आया है। ओडिशा के कांटाबांजी स्टेशन पर आरपीएफ की पूछताछ के दौरान मामले का खुलासा हुआ। आरपीएफ ने पांचों लड़कियों को ट्रेन से सुरक्षित उतार लिया, जबकि कथित एजेंट मौके से फरार हो गया।

काम और अच्छे पैसे का दिया था झांसा

जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले लाल मोहन कालिंदी नामक युवक गांव में पहुंचा था। उसने लड़कियों को काम दिलाने और अच्छे पैसे मिलने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उसने अपना मोबाइल नंबर देकर उनसे संपर्क करने को कहा।आरोप है कि युवक के संपर्क में आने के बाद लड़कियां उसके बताए अनुसार बाहर जाने के लिए तैयार हो गईं। इसके बाद पांचों लड़कियां एक साथ घर से निकल गईं।

3 नाबालिग और 2 बालिग लड़कियां शामिल

मामले में शामिल लड़कियों में विमला सिंह (14), कमला सिंह (16), सीमा सबर (16), जलेश्वरी सबर (21) और रूपाली सबर (19) शामिल हैं।बताया गया कि विमला सिंह और कमला सिंह के परिजनों ने करीब एक सप्ताह पहले ही उन्हें बाहर जाने से मना किया था। इसके बावजूद रविवार को पांचों लड़कियां एक साथ घर से निकल गईं।

गालूडीह से पुरी तक बस से ले जाया गया

दो बालिग लड़कियों जलेश्वरी सबर और रूपाली सबर के अनुसार, कथित एजेंट गालूडीह में मिला था। वहां से आगे की यात्रा के दौरान उनके परिजनों के पास कथित तौर पर एक-एक हजार रुपये भी भेजे गए।इसके बाद पांचों को बस से बहरागोड़ा, बालेश्वर और फिर पुरी ले जाया गया। पुरी में उन्हें अहमदाबाद का टिकट दिया गया और कथित एजेंट वहां से उतर गया।लड़कियों के मुताबिक, इसके बाद यात्रा के दौरान अलग-अलग स्थानों पर दूसरे एजेंट भी उनके साथ जुड़ते रहे और उन पर नजर रखते रहे।

कांटाबांजी स्टेशन पर आरपीएफ ने पकड़ा

मंगलवार सुबह कांटाबांजी स्टेशन पर आरपीएफ ने पांचों लड़कियों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान जब उनके काम के लिए बाहर जाने की बात सामने आई तो आरपीएफ ने सभी को ट्रेन से सुरक्षित उतार लिया।इस दौरान कथित एजेंट मौके से फरार हो गया। आरपीएफ ने पूछताछ के बाद तीन नाबालिग लड़कियों को अपने संरक्षण में लिया, जबकि दोनों बालिग लड़कियों को उनके परिजनों से संपर्क कर घर भेज दिया गया।

तीन नाबालिगों को चाइल्ड लाइन को सौंपा

आरपीएफ की जांच में तीन लड़कियां नाबालिग पाई गईं। इसके बाद उन्हें सुरक्षित रूप से पार्वती गिरी बाल निकेतन चाइल्ड लाइन, बलांगीर को सौंप दिया गया।वहीं, दोनों बालिग लड़कियों को परिजनों के संपर्क में लाकर वापस घर भेज दिया गया। बताया गया कि वे गुरुवार शाम अपने घर पहुंचीं।

गालूडीह पुलिस ने गांव पहुंचकर की पूछताछ

मामले की जानकारी मिलने के बाद गालूडीह पुलिस भी गांव पहुंची। पुलिस ने जलेश्वरी सबर और रूपाली सबर से पूरे मामले की जानकारी ली।पुलिस ने परिजनों को चाइल्ड लाइन से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई और शनिवार को जाकर नाबालिग लड़कियों को वापस लाने की बात कही।

रोजगार के नाम पर बाहर ले जाने वाले एजेंटों पर सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में ऐसे एजेंट सक्रिय हैं, जो रोजगार दिलाने के नाम पर युवतियों और लड़कियों को दूसरे राज्यों में ले जाते हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि ऐसी गतिविधियां मानव तस्करी या बंधुआ मजदूरी जैसे गंभीर अपराधों का रूप ले सकती हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। कथित एजेंट की भूमिका और लड़कियों को गुजरात ले जाने के पीछे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट हो सकेगी।

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