बिहार: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। 1 सितंबर 2026 को सामने आए इस मामले के बाद खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर धमकी की तत्काल जांच कराने और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का अनुरोध किया है।
बिना हस्ताक्षर वाले संदेश में दी गई धमकी
जानकारी के अनुसार, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय को एक बिना हस्ताक्षर वाला संदेश मिला, जिसमें दो मोबाइल नंबरों का उल्लेख किया गया था। इसी संदेश में चिराग पासवान को कथित तौर पर जल्द ही ‘कट्टर आतंकवादियों’ द्वारा मार दिए जाने की धमकी दी गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्रालय ने संदेश की सत्यता, इसके स्रोत और धमकी के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए तत्काल जांच की मांग की है।
गृह सचिव को भेजा गया पत्र
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार सिंह ने 1 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह सचिव को पत्र भेजा। पत्र में पूरे मामले की तत्काल और गहन जांच शुरू करने का अनुरोध किया गया है।मंत्रालय ने यह पता लगाने को कहा है कि धमकी वाला संदेश कहां से भेजा गया, यह वास्तविक है या फर्जी और इसके पीछे किसकी भूमिका है।
चिराग पासवान की सुरक्षा की समीक्षा की मांग
पत्र में चिराग पासवान की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। जानकारी के मुताबिक, उन्हें गृह मंत्रालय की ओर से जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है।धमकी को देखते हुए मंत्रालय ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा करने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा को और मजबूत करने का अनुरोध किया है। उनके आगामी सार्वजनिक कार्यक्रमों को देखते हुए भी अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
एलजेपी रामविलास ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी धमकी के मामले को गंभीर बताया है। पार्टी ने मांग की है कि धमकी भेजने वाले व्यक्ति या लोगों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।पार्टी ने यह भी कहा कि चिराग पासवान की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जांच के बाद साफ होगी धमकी की सच्चाई
फिलहाल धमकी वाले संदेश की सत्यता और इसके पीछे की वास्तविक वजह जांच का विषय है। अब गृह मंत्रालय की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संदेश वास्तविक धमकी थी या किसी ने जानबूझकर भय पैदा करने के उद्देश्य से इसे भेजा था।
