Madhya Pradesh: मोहन सरकार ने राजीव गांधी के नाम पर बनी यूनिवर्सिटी का बदला नाम,तीन तकनीकी विश्वविद्यालयों में होगा विभाजन

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में बांटकर तीन नए प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही आरजीपीभी के मौजूदा स्वरूप और नाम में भी बदलाव किया जाएगा।

तीन नए तकनीकी विश्वविद्यालय होंगे तैयार

सरकार की योजना के तहत आरजीपीभी से जुड़े क्षेत्रों को भौगोलिक आधार पर तीन हिस्सों में बांटा जाएगा।

  1. मध्य प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, भोपाल
    इसके अंतर्गत भोपाल, नर्मदापुरम और चंबल संभाग के जिले शामिल होंगे।
  2. मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, उज्जैन
    इस विश्वविद्यालय के दायरे में उज्जैन और इंदौर संभाग के जिले आएंगे।
  3. महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, जबलपुर
    इसके अंतर्गत जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के क्षेत्र शामिल किए जाएंगे।

3.83 लाख से अधिक विद्यार्थी और 585 संस्थान जुड़े

मध्य प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के अनुसार, वर्तमान राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत करीब 13 पाठ्यक्रम और 585 संस्थान आते हैं। इनमें 3 लाख 83 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।उन्होंने कहा कि भौगोलिक स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय को अलग-अलग हिस्सों में बांटने से विद्यार्थियों और अन्य लोगों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है।

अलग-अलग नामों से संचालित होंगे विश्वविद्यालय

राकेश सिंह ने बताया कि वर्तमान आरजीपीभी के स्थान पर तीन प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय घोषित किए गए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के सुझाव के आधार पर इनके अलग-अलग नाम रखे गए हैं और इन्हें प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय के रूप में जाना जाएगा।

विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 304 करोड़ रुपये से अधिक की राशि

इसी दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ कार्यक्रम में भी शामिल हुए।कार्यक्रम में 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए सहायता राशि दी गई। सरकार के अनुसार 1.21 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 304 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई। प्रत्येक पात्र विद्यार्थी के खाते में 25 हजार रुपये भेजे गए।

बालाघाट को भी दी गई थी बड़ी सौगात

इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव बालाघाट के नक्सल प्रभावित रहे बोंदारी क्षेत्र के लोगों से संवाद और जिले के लिए करीब 225 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की घोषणा को लेकर भी चर्चा में रहे थे।

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