पाकुड़: पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को पाकुड़ सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर संथाल परगना में कथित जनसांख्यिकी बदलाव और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर चिंता जताई। उन्होंने चुनाव आयोग से पाकुड़, साहिबगंज समेत संथाल परगना की 18 विधानसभा सीटों की मतदाता सूची की गहन तकनीकी जांच कराने की मांग की।
2001 और 2011 की जनगणना के आंकड़ों का दिया हवाला
बाबूलाल मरांडी ने 2001 और 2011 की जनगणना के आंकड़ों का हवाला देते हुए पाकुड़ में आदिवासी आबादी के प्रतिशत में कमी और मुस्लिम आबादी में वृद्धि का दावा किया।उन्होंने वर्ष 2019 से 2024 के बीच मतदाता संख्या में हुई वृद्धि को भी जांच का विषय बताया। मरांडी के अनुसार, मतदाता सूची में हुए बदलावों की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच जरूरी है।
पुराने खतियान और मतदाता सूची से मिलान की मांग
भाजपा नेता ने मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान पुराने खतियान, वंशावली और पूर्व की मतदाता सूचियों से दस्तावेजों का मिलान कराने का सुझाव दिया।उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से फर्जी या संदिग्ध नामों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग से पूरे मामले की तकनीकी और निष्पक्ष तरीके से जांच कराने की मांग की।
संथाल परगना की सामाजिक संरचना से जुड़ा बताया मुद्दा
मरांडी ने कहा कि यह मामला केवल मतदाता सूची तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक संरचना और स्थानीय समुदायों से जुड़ा विषय है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।उन्होंने चुनाव आयोग से मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता और दस्तावेजों के सत्यापन पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
प्रेस वार्ता में भाजपा नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
पाकुड़ सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान संथाल परगना में जनसांख्यिकी बदलाव, मतदाता सूची और कथित अवैध घुसपैठ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
