Jharkhand: झारखंड में नियुक्ति परीक्षा रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक, छात्रों ने रांची में फूंका सीएम हेमंत सोरेन का पुतला

रांची: झारखंड में विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद छात्र आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। जेपीएससी -जेएसएससी रिफॉर्म मंच से जुड़े छात्रों ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ प्रदर्शन किया।छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार ने साजिश के तहत नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा कर पूर्व में चल रहे छात्र आंदोलन को समाप्त कराने का प्रयास किया था।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत रहे छात्रों ने सरकार पर लगाया गंभीर आरोप
पूर्व में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में नियुक्ति परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे थे। छात्रों का कहना है कि सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद आंदोलन समाप्त हुआ था।अब हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान सरकार द्वारा परीक्षाएं रद्द करने के आधार को लेकर पर्याप्त तथ्य प्रस्तुत नहीं कर पाने के आरोप के बाद छात्रों ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
जेपीएससी , जेएसएससी सीजीएल और सीडीपीओ समेत भर्ती मामलों में हाईकोर्ट की रोक
छात्रों के अनुसार, झारखंड सरकार ने जिन नियुक्ति और भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने का फैसला लिया था, उनमें 11वीं से 13वीं जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल, सीडीपीओ सहित अन्य परीक्षाएं शामिल थीं।इन मामलों में झारखंड हाईकोर्ट द्वारा सरकार के फैसले पर रोक लगाए जाने के बाद छात्र संगठनों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की घोषणा की।
24 जिलों में सीएम हेमंत सोरेन का पुतला फूंकने का था कार्यक्रम
जेपीएससी -जेएसएससी रिफॉर्म मंच से जुड़े छात्रों ने झारखंड सरकार पर कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए 21 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का प्रस्ताव रखा था।रांची में छात्र मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से मुख्यमंत्री का पुतला लेकर अल्बर्ट एक्का चौक की ओर बढ़ रहे थे।
छात्रों ने लगाया जेएमएम से जुड़े लोगों पर पुतला छीनने का आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि अल्बर्ट एक्का चौक की ओर जाने के दौरान कुछ लोगों ने उनसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला छीन लिया। छात्रों ने आरोप लगाया कि पुतला छीनने वाले लोगों का संबंध झारखंड मुक्ति मोर्चा से था। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।इसके बाद प्रशासन की टीम ने प्रदर्शनकारी छात्रों को आगे बढ़ने से रोक दिया और उन्हें वापस मोरहाबादी मैदान की ओर भेजने का प्रयास किया।
कचहरी चौक पर छात्रों ने फूंका मुख्यमंत्री का पुतला
प्रशासन द्वारा रोके जाने के दौरान छात्र आक्रोशित हो गए और रांची के कचहरी चौक पर ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंक दिया।इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात रहे। प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों की भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
छात्रों ने सीबीआई और ईडी जांच की मांग दोहराई
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए। उन्होंने नियुक्ति परीक्षाओं और कथित अनियमितताओं की सीबीआई और ईडी से जांच कराने की मांग भी दोहराई।छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और युवाओं के भविष्य को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए।



