Jharkhand: जेएसएससी-सीजीएल और जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी की सीबीआई जांच की मांग, बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन को लिखा पत्र

रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच सीबीआई या किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है। उन्होंने जेएसएससी-सीजीएल , जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा समेत सरकार द्वारा रद्द की गई अन्य परीक्षाओं की जांच सीआईडी के बजाय स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग उठाई है।
जेएसएससी-सीजीएल मामले में सीआईडी जांच पर उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर छात्र लंबे समय से शिकायत कर रहे थे और जांच की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों का सरकार और जांच एजेंसियों पर भरोसा कम हुआ है।मरांडी ने सीआईडी जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जांच में मामले के वास्तविक दोषियों और इसके पीछे जुड़े लोगों तक पहुंचने का पर्याप्त प्रयास नहीं हुआ। उन्होंने सीआईडी के कुछ अधिकारियों की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
जेपीएससी इंटरव्यू में गड़बड़ी के आरोपों की जांच की मांग
मरांडी ने जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में इंटरव्यू प्रक्रिया को लेकर सामने आए कथित आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने और इंटरव्यू बोर्ड को प्रभावित करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।उन्होंने इंटरव्यू बोर्ड के गठन, अभ्यर्थियों के आवंटन, कोडिंग-डिकोडिंग प्रक्रिया, अंकों, डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और कथित पैसों के लेन-देन की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
इंटरव्यू बोर्ड के सदस्यों की भूमिका की जांच की मांग
भाजपा नेता ने कहा कि यदि इंटरव्यू प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो बोर्ड में शामिल सभी अधिकारियों और सदस्यों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब जेएसएससी-सीजीएल मामले में सीआईडी की जांच को लेकर ही सवाल उठ रहे हैं, तो जेपीएससी समेत अन्य परीक्षाओं की जांच भी उसी एजेंसी को सौंपना उचित नहीं होगा।



