रांची: जेपीएससी -जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितता और गड़बड़ियों को लेकर राजधानी रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में पिछले करीब 20 दिनों से छात्रों का आंदोलन जारी है। आंदोलन के बीच छात्रों के संभावित मुख्यमंत्री आवास घेराव की आशंका को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।हालांकि, छात्रों की ओर से फिलहाल मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कोई आधिकारिक कार्यक्रम तय नहीं किया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
कांके रोड पर बढ़ाई गई सुरक्षा
सुरक्षा के दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाली प्रमुख सड़कों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटा जा सके।पुलिस और प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री आवास के आसपास आने-जाने वाले मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
हॉटलिप्स चौक से राम मंदिर चौक तक बैरिकेडिंग
कांके रोड स्थित हॉटलिप्स चौक से राम मंदिर चौक के बीच बैरिकेडिंग की जा रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले अन्य रास्तों पर भी पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है।प्रशासन का प्रयास है कि संभावित भीड़ को मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोका जा सके और कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी रहे।
सूचना भवन से एटीआई जाने वाली सड़क बंद
सुरक्षा व्यवस्था के तहत सूचना भवन से एटीआई की ओर जाने वाली सड़क को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अन्य संवेदनशील मार्गों पर भी बैरिकेडिंग और पुलिस बल की तैनाती की गई है।
छात्रों के कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं
छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री आवास के घेराव की आशंका जरूर जताई जा रही है, लेकिन अभी तक छात्रों की ओर से ऐसा कोई कार्यक्रम निर्धारित किए जाने की जानकारी नहीं है।इसके बावजूद प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारियों में जुटा है। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास के आसपास के क्षेत्र को फिलहाल सुरक्षा घेरे में रखा गया है।
जेपीएससी -जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप को लेकर जारी है आंदोलन
छात्र जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितता और गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहे इस आंदोलन के बीच प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने से राजधानी में मामला एक बार फिर चर्चा में है।फिलहाल पुलिस और जिला प्रशासन की नजर आंदोलन की गतिविधियों पर बनी हुई है और संभावित किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
