गोविंदपुर: गोविंदपुर जलापूर्ति योजना पिछले तीन दिनों से ठप रहने के कारण 21 पंचायतों की करीब दो लाख आबादी के सामने पेयजल संकट गहरा गया है। जलापूर्ति बंद होने से ग्रामीणों को चापाकल और अन्य स्थानीय जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
उपायुक्त से मिले पंचायत प्रतिनिधि
जलापूर्ति बाधित होने की समस्या को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उपायुक्त से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल कराने की मांग की।जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष सिंह के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी जुस्को (टाटा स्टील यूआईएसएल) को सौंपने की मांग की।
पाइपलाइन की खराबी से बार-बार बाधित होती है जलापूर्ति
डॉ. परितोष सिंह ने कहा कि पाइपलाइन में खराबी आने के बाद समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण जलापूर्ति बार-बार बाधित होती है। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रतिनिधिमंडल ने योजना के स्थायी और बेहतर संचालन के लिए जिम्मेदारी सक्षम एजेंसी को सौंपने की मांग की।
जल्द पानी नहीं मिला तो आंदोलन की चेतावनी
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा। तीन दिनों से पानी की आपूर्ति बंद रहने के कारण ग्रामीणों में भी नाराजगी बढ़ रही है।
ये लोग रहे मौजूद
प्रतिनिधिमंडल में कुसुम पूर्ति, शिव हंसदा, राखी सिंह सरदार, रणजीत कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे।
