रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार को युवाओं और छात्रों के मुद्दों को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने सरकार से छात्रों की जायज मांगों पर तत्काल संवेदनशीलता दिखाने और उनके साथ सीधा संवाद स्थापित करने की मांग की है।छात्रों के साथ बातचीत के दौरान रघुवर दास ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को सरकार को बेहद गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने रोजगार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े अन्य विषयों के समाधान को सरकार की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी बताया।
युवाओं पर बल प्रयोग को बताया अलोकतांत्रिक
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने वाले युवाओं पर बल प्रयोग करना सरकार के अलोकतांत्रिक रवैये को दर्शाता है।रघुवर दास ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनसे सीधे संवाद करना चाहिए और उनकी समस्याओं का उचित समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि रोजगार और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़े हुए हैं, इसलिए इन पर गंभीरता से कार्रवाई जरूरी है।
सरकार को दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम
रघुवर दास ने छात्रों की मांगों पर विचार करने के लिए राज्य सरकार को एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर सरकार ने छात्रों के हित में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो वह स्वयं आंदोलन में उतरने के लिए बाध्य होंगे।उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक पहल करने की अपील की है।
बिरसा मुंडा समाधि स्थल पर अनशन की घोषणा
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने घोषणा की कि एक सप्ताह की समय सीमा समाप्त होने के बाद यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो वह भगवान बिरसा मुंडा समाधि स्थल पर अनशन शुरू करेंगे।उनके इस ऐलान के बाद छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य की सियासत और गरमाने के संकेत हैं। अब नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाती है और रघुवर दास के अल्टीमेटम के बाद आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।
रोजगार और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था प्रमुख मुद्दे
रघुवर दास ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, पारदर्शी प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों के समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।उन्होंने सरकार से आंदोलनरत युवाओं के साथ संवाद कर उनकी मांगों पर सकारात्मक और व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की।
