प्रयागराज। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स की प्रयागराज टीम ने ऑनलाइन गेमिंग ऐप की आड़ में कथित तौर पर चल रहे बड़े अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों—बृजेश सिंह, अभिषेक कुमार, प्रिंस कुमार और मितेश प्रधान को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, आरोपी इंटरनेट के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन सट्टेबाजी में फंसाकर कथित तौर पर मोटी रकम कमा रहे थे।
‘ROLEXPANEL’ ऐप से संचालित हो रहा था नेटवर्क
जांच के अनुसार, आरोपियों ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए ROLEXPANEL.WIN नाम से एक गेमिंग ऐप तैयार कराया था। आरोप है कि इसी प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टेबाजी का कारोबार संचालित किया जा रहा था।सट्टे से प्राप्त रकम को इधर-उधर करने और लेनदेन को छिपाने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बड़ी संख्या में सिम कार्ड खरीदे। इन नंबरों से कई यूपीआई अकाउंट बनाए गए थे।
काम का बंटवारा, एडमिन संभालता था नेटवर्क
एसटीएफ के मुताबिक, गैंग में काम का बंटवारा भी किया गया था। एक आरोपी को एडमिन की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस का दावा है कि किसी खाते पर जांच या कार्रवाई का खतरा होने पर एडमिन संबंधित अकाउंट और डेटा को हटाने का काम करता था।आरोपियों ने आपस में नेटवर्क को संचालित करने के लिए एक गुप्त व्हाट्सऐप ग्रुप भी बना रखा था।
गांव में पैसों की शेखी बनी गिरफ्तारी की वजह
एसटीएफ के अनुसार, ऑनलाइन सट्टेबाजी से अचानक बड़ी रकम आने के बाद आरोपी गांव और आसपास की बैठकों में अपने पैसे और बदले हुए रहन-सहन को लेकर शेखी बघारने लगे। उनकी गतिविधियों और अचानक बढ़ी आर्थिक स्थिति की जानकारी एसटीएफ तक पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
एसटीएफ ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
सूचना के आधार पर एसटीएफ के प्रभारी जय प्रकाश राय ने टीम गठित की। टीम ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, स्मार्टफोन, क्यूआर कोड स्कैनर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। बरामद उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के जरिए नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
बड़े ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क की जांच जारी
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित सट्टेबाजी नेटवर्क का संचालन कहां-कहां से किया जा रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं।
