Rajasthan: एसएससी परीक्षा धांधली मामले में यूपी एसटीएफ की बड़ी सफलता, अलवर से गिरफ्तार हुआ वांटेड आरोपी लोकेश

कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित सीएपीएफ, एसएसएफ कांस्टेबल (जीडी) और असम राइफल्स राइफलमैन भर्ती परीक्षा-2026 में कथित धांधली के मामले में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे वांटेड आरोपी लोकेश को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी के पास से 92 टीएफटी स्क्रीन सहित बड़ी मात्रा में उपकरण बरामद
यूपी एसटीएफ ने आरोपी के ठिकाने से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए हैं। इनमें शामिल हैं:
63 तैयार टीएफटी स्क्रीन
20 बिना तैयार टीएफटी स्क्रीन
9 खुली टीएफटी स्क्रीन (रस्पबेरी पीआई इंस्टॉल)
कुल 92 टीएफटी स्क्रीन
45 वीजीए कार्ड
20 वीजीए टू एचडीएमआई कार्ड
15 टाइप -सी केबल
14 रस्पबेरी पीआई डिवाइस
12 मेमोरी कार्ड
10 यूएसबी टू यूएसबी केबल
5 वीजीए स्विच
4 आयरन सोल्डर किट
कॉपर वायर
1 लेनोवो लैपटॉप व चार्जर
1 स्क्रू ड्राइवर
1 ग्लू गन
वीजीए केबल, वाई फाई डोंगल और हीट सिंक के पैकेट
ऑनलाइन भर्ती परीक्षाओं में तकनीकी तरीके से धांधली की आशंका
एसटीएफ के अनुसार, बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल ऑनलाइन भर्ती परीक्षाओं में तकनीकी माध्यम से नकल और धांधली कराने के लिए किया जाता था। सभी उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिससे पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
पूरे गिरोह और फंडिंग नेटवर्क की होगी जांच
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी लोकेश लंबे समय से फरार था। उसकी लोकेशन मिलने के बाद राजस्थान के अलवर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया। अब उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, फंडिंग नेटवर्क और परीक्षा धांधली के पूरे मॉड्यूल का खुलासा किया जाएगा।
पहले भी हुई थी बड़ी गिरफ्तारी
इससे पहले एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी हर्षवर्धन मीणा के भाई पुष्पेंद्र कुमार मीणा को भी गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया था कि उसने अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था।



