महराजगंज: बृजमनगंज पुलिस ने आभूषण चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए एक सक्रिय महिला चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह की पांच महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चोरी के जेवर गलाकर बनाई गई करीब 5.57 ग्राम की पीली धातु की टिकिया, घटना में प्रयुक्त ऑटो, चार की-पैड मोबाइल फोन और 12,580 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
17 जुलाई को ज्वेलरी शॉप में हुई थी चोरी
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने प्रेसवार्ता में बताया कि 17 जुलाई को बृजमनगंज क्षेत्र की एक आभूषण दुकान से सोने के जेवर चोरी हुए थे। इस मामले में दुकान संचालक नूर मोहम्मद की शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।सीसीटीवी फुटेज और गाण्डिव पोर्टल की मदद से तकनीकी जांच के दौरान गिरोह की सरगना मंजू की पहचान की गई।
मुख्य आरोपी मंजू पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी मंजू पहले भी चोरी के कई मामलों में जेल जा चुकी है। उसके खिलाफ गोरखपुर और महराजगंज में पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।शुक्रवार सुबह सम्मय माता मंदिर के पास पुलिस ने एक ऑटो में सवार मंजू और उसके साथियों को रोककर पूछताछ की, जिसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।
सभी आरोपी गोरखपुर के रहने वाले
गिरफ्तार आरोपियों में मंजू, सरिता, सोना, कुंती, एक अन्य मंजू और ऑटो चालक इंदल शामिल हैं। सभी आरोपी गोरखपुर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी हैं।पुलिस के अनुसार, गिरोह की सभी महिलाएं आपस में रिश्तेदार हैं और योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न जिलों के बाजारों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देती थीं।
ग्राहक बनकर दुकानदार को उलझाती थीं महिलाएं
जांच में सामने आया कि गिरोह की महिलाएं ग्राहक बनकर दुकान में प्रवेश करती थीं। कुछ महिलाएं दुकानदार को बातचीत में व्यस्त रखती थीं, जबकि अन्य सदस्य मौका मिलते ही आभूषण चोरी कर लेती थीं।वारदात के बाद सभी सदस्य अलग-अलग निकल जाती थीं, लेकिन घटनास्थल तक आने-जाने के लिए हमेशा एक ही रिजर्व ऑटो का इस्तेमाल करती थीं।
चोरी के बाद धार्मिक यात्रा पर निकल जाता था गिरोह
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि वारदात के बाद गिरोह अपनी पहचान छिपाने के लिए कुछ दिनों तक धार्मिक और पर्यटन स्थलों की यात्रा पर निकल जाता था। हाल ही में सभी सदस्य कामाख्या धाम के दर्शन कर लौटे थे।
सभी आरोपियों को भेजा गया जेल
पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।
