गिरिडीह: झारखंड सरकार के मंत्री और गिरिडीह सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के दूसरे दिन सोमवार को उनके आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का सिलसिला जारी रहा। इसी क्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी उनके आवास पहुंचे और दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि दी।बाबूलाल मरांडी ने सुदिव्य कुमार सोनू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें इस कठिन समय में धैर्य रखने की सांत्वना दी।
बाबूलाल मरांडी ने बताया अपूरणीय क्षति
बाबूलाल मरांडी ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधारा और पार्टी अलग होने के बावजूद सुदिव्य कुमार सोनू से उनका हमेशा संवाद और बातचीत होती रहती थी।उन्होंने कहा कि विधानसभा में दोनों पक्षों के बीच सवाल-जवाब और राजनीतिक बहस के दौरान सुदिव्य कुमार सोनू का मुखर अंदाज साफ दिखाई देता था।
विधानसभा में मजबूती से रखते थे सरकार का पक्ष
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू विधानसभा में सरकार का पक्ष मजबूती और पूरी ताकत के साथ रखते थे। विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का वे कड़े और बेबाक अंदाज में जवाब देते थे।उन्होंने कहा कि स्पष्ट और मजबूती से अपनी बात रखना सुदिव्य कुमार सोनू की राजनीतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा था। उनका व्यक्तित्व काफी मुखर था और वे अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने के लिए जाने जाते थे।
शोकाकुल परिवार को दी सांत्वना
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने शोकाकुल परिवार को इस कठिन घड़ी में धैर्य रखने की सांत्वना दी। उन्होंने दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से गिरिडीह समेत पूरे झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार शोक संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
