Jharkhand: जमशेदपुर डिमना लेक में एमजीएम के दो जूनियर डॉक्टरों के शव 6 घंटे बाद बरामद, मोबाइल निकालने के दौरान घटी घटना

जमशेदपुर:जमशेदपुर के बोड़ाम थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध डिमना लेक में शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के दो जूनियर डॉक्टरों की डूबने से मौत हो गई। करीब छह घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों डॉक्टरों डॉ. समीर और डॉ. सक्षम के शव बरामद कर लिए गए। घटना से मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और परिजनों में शोक की लहर है।
मोबाइल निकालने के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के तीन जूनियर डॉक्टर डॉ. समीर, डॉ. सक्षम और डॉ. यश देर रात डिमना लेक पहुंचे थे। टहलते-टहलते वे लेक के उस हिस्से में चले गए, जिसे सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है।इसी दौरान एक डॉक्टर का मोबाइल फोन पानी में गिर गया। मोबाइल निकालने के प्रयास में तीनों गहरे पानी में उतर गए और दलदल व गहरे पानी के खिंचाव की चपेट में आ गए।
यश ने बचाई जान, समीर और सक्षम डूबे
हादसे के दौरान डॉ. यश किसी तरह तैरकर किनारे तक पहुंचने में सफल रहे और उन्होंने पुलिस व अन्य साथियों को घटना की सूचना दी। लेकिन डॉ. समीर और डॉ. सक्षम गहरे पानी में डूब गए।बताया जा रहा है कि डॉ. सक्षम मेदिनीनगर (डाल्टनगंज) के निवासी थे, जबकि डॉ. समीर जमशेदपुर के काशीडीह के रहने वाले थे। वहीं, डॉ. यश सोनारी क्षेत्र के निवासी हैं।
छह घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही बोड़ाम थाना पुलिस, प्रशासन और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू अभियान में टाटा स्टील के सिक्योरिटी विभाग में कार्यरत एवं सिविल डिफेंस से जुड़े मजदूरुल बारी ने लगातार खोजबीन कर दोनों शवों को पानी से बाहर निकाला।लंबे समय तक चले अभियान के बाद दोनों शव बरामद होने पर परिजनों और अस्पताल के डॉक्टरों में मातम छा गया।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही एमजीएम अस्पताल के डॉक्टर, मेडिकल छात्र और परिजन बड़ी संख्या में डिमना लेक पहुंच गए।
हर पहलू की जांच में जुटी पुलिस
बोड़ाम थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी।



