नई दिल्ली से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से इसकी आधिकारिक जानकारी दी गई।
पंजाब विधानसभा चुनाव में मिल सकती है अहम जिम्मेदारी
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए रवनीत सिंह बिट्टू को राज्य की राजनीति में बड़ी भूमिका दे सकती है। चर्चा है कि पार्टी उन्हें चुनाव अभियान की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप सकती है या फिर किसी अहम विधानसभा सीट से उम्मीदवार बना सकती है।काफी समय से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन्हें केंद्रीय मंत्री पद से हटाकर पंजाब संगठन में सक्रिय भूमिका दी जाएगी।
राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद तेज हुई थीं चर्चाएं
रवनीत सिंह बिट्टू राज्यसभा के माध्यम से केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल हुए थे। उनका राज्यसभा कार्यकाल जून में समाप्त हो गया था, लेकिन पार्टी ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा। इसके बाद से ही उनके मंत्री पद छोड़ने और पंजाब की राजनीति में सक्रिय होने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
पंजाब में भाजपा की रणनीति का अहम हिस्सा बन सकते हैं बिट्टू
रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके दादा बेअंत सिंह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। भाजपा उन्हें राज्य में प्रमुख सिख चेहरे के रूप में देखती है और पार्टी के सामाजिक आधार को मजबूत करने की रणनीति में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।
पंजाब चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा
अगले वर्ष होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य में फिलहाल आम आदमी पार्टी की सरकार है, जबकि कांग्रेस आंतरिक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे राजनीतिक माहौल में भाजपा अपने संगठन को मजबूत करने और नए सामाजिक वर्गों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है।पिछले कुछ वर्षों में सुनील जाखड़, कैप्टन अमरिंदर सिंह, रवनीत सिंह बिट्टू और केवल सिंह ढिल्लों जैसे नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी पंजाब में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
