Jharkhand: झारखंड में ‘जांच घोटाला’ का आरोप, विपक्ष ने जेएसएससी-जेपीएससी समेत कथित मामलों की सीबीआई जांच की उठाई मांग

जमशेदपुर : झारखंड में विभिन्न कथित घोटालों और उनकी जांच को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि राज्य में केवल घोटाले ही नहीं, बल्कि उनकी जांच के नाम पर भी अनियमितताएं हो रही हैं। इसे ‘जांच घोटाला’ बताते हुए पूरे मामले की सीबीआई से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई गई है।

जेएसएससी और जेपीएससी मामलों का किया जिक्र

जारी बयान में कहा गया है कि इससे पहले झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से जुड़े कथित घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। विपक्ष का आरोप है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने के बावजूद कार्रवाई केवल तत्कालीन अध्यक्ष के इस्तीफे तक सीमित रही।इसी तरह झारखंड लोक सेवा आयोग से जुड़े मामले में भी उसी प्रकार की प्रक्रिया अपनाए जाने का आरोप लगाया गया है।

शराब, जमीन, खनन और डीएमएफटी मामलों का भी उठाया मुद्दा

विपक्ष ने दावा किया है कि शराब, जमीन, अवैध खनन और डीएमएफटी से जुड़े कथित मामलों की जांच में वास्तविक दोषियों तक पहुंचने के बजाय प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों को बचाने तथा साक्ष्यों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।इसके साथ ही कुछ नौकरशाहों के माध्यम से सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग, प्राकृतिक संपदाओं के दोहन और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

सीबीआई से स्वतंत्र जांच की मांग

बयान जारी करने वालों ने मांग की है कि केवल कथित घोटालों की ही नहीं, बल्कि उनकी जांच प्रक्रिया की भी सीबीआई से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। साथ ही यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, इस मामले में राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Exit mobile version