नई दिल्ली : संसद का मॉनसून सत्र आज (सोमवार) से शुरू हो रहा है, जहां केंद्र की मोदी सरकार वंदे मातरम् से जुड़े ऐतिहासिक विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण बिल पेश करने की तैयारी में है। हालांकि, सत्र के पहले ही दिन देश की राजधानी दिल्ली की सड़कें छावनी जैसी नज़र आ रही हैं। कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा संसद भवन तक मार्च के ऐलान को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है। जंतर-मंतर से लेकर संसद मार्ग तक सुरक्षा व्यवस्था की अभेद्य किलेबंदी कर दी गई है।
जंतर-मंतर पर 10 हज़ार जवान, तीन लेयर की बैरिकेडिंग और धारा 163 लागू
संसद घेराव की कोशिशों को नाकाम करने के लिए नई दिल्ली इलाके में कड़ी घेराबंदी की गई है। जंतर-मंतर पर इस वक्त 5 से 6 हज़ार प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस, पैरामिलिट्री और रैपिड एक्शन फोर्स के करीब 10,000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। मौके पर आंसू गैस के गोले, वाटर कैनन (वज्र वाहन) और वाटर तोपों को तैनात रखा गया है। जंतर-मंतर से संसद जाने वाले रास्तों पर थ्री-लेयर बैरिकेडिंग की गई है। नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी गई है। जंतर-मंतर के निर्दिष्ट क्षेत्र को छोड़कर पूरी नई दिल्ली में 5 से अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने पर रोक है।पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को किसी भी हाल में संसद की ओर नहीं जाने दिया जाएगा। मैक्सिमम रेंज केवल केरल भवन तक रखी गई है। फिलहाल पुलिस अधिकारी और प्रदर्शनकारी नेताओं के बीच वार्ता जारी है।
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने रखीं 4 शर्ते
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती लद्दाख के प्रमुख कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन पर “गैर-कानूनी नज़रबंदी” का आरोप लगाते हुए अपना अनशन समाप्त करने के लिए 4 प्रमुख शर्तें रखी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई अपनी चिट्ठी में कहा है कि उनके बोलने और मिलने-जुलने की आज़ादी पर रोक लगाई गई है।
वांगचुक की 4 प्रमुख मांगे

शिक्षा व्यवस्था में नाकामी की ज़िम्मेदारी: सरकार शिक्षा व्यवस्था की हालिया नाकामियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं की सीधे जवाबदेही ले।
संसद तक जाने की इजाज़त: सोनम वांगचुक और सीजेपी की शीर्ष लीडरशिप को शांतिपूर्ण ढंग से संसद भवन तक जाने दिया जाए।
सांसदों का लिखित भरोसा: विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और शीर्ष नेता मौक़े पर आकर यह भरोसा दिलाएं कि वे इन मुद्दों को संसद के पटल पर उठाएंगे।
अस्पताल में वार्ता का विकल्प: यदि स्वास्थ्य कारणों से संसद जाना संभव न हो, तो विभिन्न दलों के सांसद अस्पताल पहुंचकर उनकी मांगों का समर्थन करें और चिट्ठी में लिखी बातों का आश्वासन दें।
सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 5 बड़े स्टेशन बंद
प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सुरक्षा एजेंसियों के निर्देश पर कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है।डीएमआरसी के आधिकारिक अलर्ट के अनुसार, जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (केंद्रीय सचिवालय) और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों का प्रवेश व निकास पूरी तरह से रोक दिया गया है।
पार्लियामेंट स्ट्रीट पूरी तरह सील
दिल्ली पुलिस ने आम जनता, प्रदर्शनकारियों और मीडिया कर्मियों के लिए भी पार्लियामेंट स्ट्रीट रोड को पूरी तरह से सील कर दिया है। जंतर-मंतर के मुख्य मोड़ पर लगे बैरिकेड्स को तोड़ना फिलहाल प्रदर्शनकारियों के लिए असंभव नज़र आ रहा है। दिल्ली पुलिस ने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की है।