Bihar: पूर्वी चंपारण में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1 करोड़ के जाली नोट बरामद

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस को जाली नोट के बड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में अहम सफलता मिली है। जिले के कोटवा प्रखंड अंतर्गत भोपतपुर थाना क्षेत्र के वीरती टोला गांव में छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 1 करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
38 सोने के बिस्किट, 13 लाख नकद और हथियार भी बरामद
पुलिस की छापेमारी के दौरान जाली नोटों के अलावा 38 सोने के बिस्किट, 13 लाख रुपये नकद, अवैध हथियार, कारतूस और एक वाहन भी जब्त किया गया है। बरामद सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
पांच संदिग्ध हिरासत में, मुख्य सरगना से पूछताछ
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया, जिनसे पूछताछ जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जाली नोट गिरोह के कथित मुख्य सरगना सुलेमान अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उससे नेटवर्क, सप्लाई चेन और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पांच थानों की पुलिस और डीआईयू टीम ने चलाया अभियान
सूत्रों के अनुसार यह अभियान एसडीपीओ सदर-1 एवं सदर-2 जितेश पांडेय के नेतृत्व में चलाया गया। छापेमारी में जिला आसूचना इकाई, दो प्रशिक्षु डीएसपी तथा पांच थानों की पुलिस टीम शामिल रही। पुलिस ने कई घंटों तक अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।
राष्ट्रीय सुरक्षा के पहलू से भी जांच
पुलिस इस मामले को केवल आर्थिक अपराध नहीं मान रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि जाली नोटों का स्रोत क्या है और क्या इस नेटवर्क के तार किसी अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े हैं। साथ ही असली और नकली सोने के कारोबार की भी जांच की जा रही है।
ऐसे लोगों को बनाते थे शिकार
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गिरोह पहले लोगों का भरोसा जीतने के लिए शुरुआती लेनदेन में असली नोट देता था। विश्वास बनने के बाद बड़ी रकम के बदले कथित तौर पर जाली नोट थमा दिए जाते थे। पुलिस इस पूरे मॉड्यूल की जांच कर रही है।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल बरामद जाली नोटों, सोने के बिस्किट और अन्य सामान की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा जाली नोटों की छपाई और सप्लाई कहां से हो रही थी।



