Jharkhand: एसीसी अडानी सीमेंट प्लांट बंद करने के फैसले के खिलाफ मजदूरों का प्रदर्शन, 17 अगस्त को पश्चिमी सिंहभूम बंद की चेतावनी

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी स्थित एसीसी अडानी सीमेंट प्लांट को बंद करने के प्रबंधन के फैसले के खिलाफ बुधवार को मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। प्लांट बंद करने के नोटिस के विरोध में सैकड़ों मजदूर झारखंड जनरल कामगार यूनियन के नेतृत्व में सड़कों पर उतर आए और सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन व नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
‘वेज बोर्ड खत्म करने और मशीनीकरण की साजिश’ का आरोप
यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 16 अगस्त 2026 से प्लांट बंद करने का नोटिस एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। उनका आरोप है कि कंपनी सीमेंट वेज बोर्ड के तहत मिलने वाले वेतन और अन्य सुविधाओं को समाप्त कर स्थायी कर्मचारियों की जगह आउटसोर्सिंग और मशीनीकरण के जरिए काम कराना चाहती है।उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह मजदूर विरोधी नीति है और इससे हजारों श्रमिकों की आजीविका प्रभावित होगी।
पीएफ घोटाले का भी लगाया आरोप
यूनियन ने वर्ष 2001 से 2026 के बीच कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) खातों में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया। जॉन मिरन मुंडा ने दावा किया कि पीएफ विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से मजदूरों की राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
48 घंटे का धरना, फिर जिला बंद की चेतावनी
यूनियन ने आंदोलन की आगामी रूपरेखा भी घोषित की है।14 और 15 जुलाई को कंपनी के मुख्य गेट पर 48 घंटे का अनवरत धरना दिया जाएगा।प्रभावित गांवों में नुक्कड़ सभाएं आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जाएगा।यदि 16 अगस्त से प्लांट बंद करने का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो 17 अगस्त को पूरे पश्चिमी सिंहभूम जिला बंद का आह्वान किया जाएगा।
प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम मंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा ज्ञापन
यूनियन ने कहा कि यह संघर्ष केवल एक फैक्ट्री का नहीं, बल्कि हजारों मजदूर परिवारों के रोजगार और भविष्य का है। इस संबंध में प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम मंत्री और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन भेजा जा रहा है।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें शामिल हैं
प्लांट बंद करने का नोटिस तत्काल वापस लिया जाए।
सीमेंट वेज बोर्ड की सभी सुविधाएं जारी रखी जाएं।
कथित पीएफ घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
स्थायी कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।



