
भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वह उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करेंगे और राम मंदिर के लिए दिए गए अपने दान की राशि वापस लेने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि उन्होंने भी राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया था, लेकिन अब सामने आ रही शिकायतों के आधार पर उनका मानना है कि चढ़ावे की राशि का गलत इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वह अदालत में मुकदमा दायर करेंगे।
दान की राशि वापस लेने कोर्ट जाएंगे
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने अयोध्या में मुकदमा करने का फैसला किया है। उनका कहना है कि उन्होंने जो दान दिया था, उसका गलत इस्तेमाल किया गया और उसे हड़प लिया गया। इसलिए वह अपनी दान राशि वापस चाहते हैं, ताकि उसे ‘रामलय ट्रस्ट’ में जमा कर सकें।उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है, इसलिए वह पुलिस में शिकायत करने के बजाय सीधे अदालत का रुख करेंगे।
रामभक्तों से पदयात्रा में शामिल होने की अपील
कांग्रेस नेता ने कहा कि वह सभी रामभक्तों से अपील करेंगे कि जिन्होंने भी राम मंदिर के लिए चढ़ावा या दान दिया है, वे अपना पैसा वापस लेने की मांग को लेकर उनके साथ अयोध्या तक पदयात्रा करें।
वीएचपी पर भी साधा निशाना
दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह के दो अभियान चलाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि पहले अभियान का कभी सार्वजनिक हिसाब नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में विश्व हिंदू परिषद द्वारा चलाए गए अभियान में उन्होंने दान नहीं दिया, क्योंकि उन्हें उस पर भरोसा नहीं था।
1.11 लाख रुपये दान देने का दावा
दिग्विजय सिंह ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक लाख रुपये का दान दिया था। उन्होंने उससे अधिक राशि देते हुए 1,11,000 रुपये सीधे दान किए और इसके संबंध में नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया था कि राशि ट्रस्ट में जमा हो। उन्होंने कहा कि उनके पास दान की रसीद भी मौजूद है।दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने भगवान राम में आस्था और भव्य मंदिर निर्माण की भावना से दान दिया था, लेकिन अब सामने आ रहे आरोप चिंताजनक हैं और इन्हीं के आधार पर उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है।



