Jharkhand: रिम्स में क्षेत्रीय नेत्र संस्थान का उद्घाटन, अब आधुनिक तकनीक से मिलेगा बेहतर आंखों का इलाज

रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में शुक्रवार को क्षेत्रीय नेत्र संस्थान (रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी-आरआईओ) का उद्घाटन किया गया। स्वास्थ्य मंत्री एवं रिम्स शासी परिषद के अध्यक्ष डॉ. इरफान अंसारी ने नए संस्थान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, रिम्स के कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. दिपेंद्र कुमार सिन्हा, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. हिरेन्द्र बिरुआ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ व्यस्तता के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
आधुनिक तकनीक से होगी आंखों की जांच और इलाज
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के शुरू होने से झारखंड में नेत्र चिकित्सा सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। अब मरीजों को आधुनिक जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और जटिल नेत्र सर्जरी जैसी सुविधाएं रिम्स में ही उपलब्ध होंगी। इससे इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता भी कम होगी।
शोध और विशेषज्ञ प्रशिक्षण का भी बनेगा प्रमुख केंद्र
वक्ताओं ने बताया कि यह संस्थान केवल मरीजों के इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नेत्र रोगों की रोकथाम, शोध और चिकित्सकों के प्रशिक्षण का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां मेडिकल छात्रों, रेजिडेंट डॉक्टरों और नेत्र विशेषज्ञों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
रिम्स के लिए बड़ी उपलब्धि: कार्यकारी निदेशक
रिम्स के कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. दिपेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि क्षेत्रीय नेत्र संस्थान का शुभारंभ संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद से यह संस्थान न केवल झारखंड बल्कि आसपास के राज्यों के मरीजों को भी बेहतर नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगा।
अतिथियों का किया गया स्वागत
कार्यक्रम के दौरान नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार ने अपनी टीम के साथ सभी अतिथियों का स्वागत किया और संस्थान की उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।



