लखनऊ/अयोध्या:अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन करने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने उन्हें होटल में ही नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई के बाद अजय राय ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया। वहीं उनकी पत्नी रीना राय ने वीडियो जारी कर पति की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
रीना राय का आरोप- भाजपा सरकार किसी भी हद तक जा सकती है
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में रीना राय ने कहा कि उनके पति की आवाज दबाने के लिए भाजपा सरकार किसी भी हद तक गिर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अजय राय को जीप में ले जाने के बाद सहयोगियों को गलत जानकारी देकर गुमराह कर रही है। रीना राय ने कहा कि यदि उनके पति को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की होगी।
दर्शन के लिए पहुंचे कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल
अजय राय के साथ कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल भी अयोध्या पहुंचा था। इसमें अमेठी से सांसद किशोरी लाल शर्मा, सीतापुर से सांसद राकेश राठौर, प्रयागराज से सांसद उज्ज्वल रमन सिंह और बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया शामिल थे।इसके अलावा बाराबंकी के पूर्व सांसद एसपी गौतम, पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, महाराजगंज के पूर्व विधायक वीरेंद्र चौधरी और बाराबंकी की पूर्व विधायक मीता गौतम भी रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे थे।
‘जेल जाना पड़े तो भी दर्शन करेंगे’
नजरबंद किए जाने के बाद अजय राय ने कहा कि वे हर हाल में रामलला के दर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि चाहे जेल जाना पड़े या अन्न त्याग करना पड़े, लेकिन वे अपने साथियों के साथ मंदिर में दर्शन करने जरूर जाएंगे।
अरविंद केजरीवाल का उदाहरण देकर सरकार पर सवाल
अजय राय ने कहा कि कुछ दिन पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अयोध्या आए थे और उन्हें राम मंदिर में दर्शन करने से नहीं रोका गया। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस नेताओं को ही मंदिर जाने से क्यों रोका जा रहा है। अजय राय ने कहा कि वे केवल रामलला के दर्शन करना चाहते हैं और कथित चढ़ावा चोरी के आरोपियों को सद्बुद्धि मिलने की प्रार्थना करना चाहते हैं।
चढ़ावा चोरी विवाद के बीच बढ़ी सियासत
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है। कांग्रेस इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेर रही है, जबकि भाजपा इन आरोपों को निराधार बता रही है। अजय राय को नजरबंद किए जाने के बाद यह विवाद और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है।
