धनबाद: झारखंड की सियासत में बयानबाजी तेज होती जा रही है। धनबाद दौरे पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य की हेमंत सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला।उन्होंने आरोप लगाया कि पेशा कानून के नाम पर राज्य सरकार आदिवासियों को गुमराह कर रही है। उनके अनुसार, यह कानून आदिवासियों के हित में नहीं है, बल्कि उन्हें ठगने का काम किया गया है।
सिद्धू-कान्हू के वंशज को नोटिस पर सरकार को घेरा
चंपई सोरेन ने सिद्धू-कान्हू के वंशज को नोटिस दिए जाने के मुद्दे पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस मामले का जवाब जनता आने वाले समय में देगी।
झारखंड की डेमोग्राफी बदलने का किया दावा
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पूरे झारखंड की डेमोग्राफी बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में जनसंख्या का स्वरूप बदलने से सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर असर पड़ा है।
यूसीसी पर भी रखा अपना पक्ष
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे पर चंपई सोरेन ने कहा कि यूसीसी आदिवासी समुदाय पर लागू नहीं होता। उन्होंने इस विषय पर अपनी स्पष्ट राय रखते हुए कहा कि आदिवासियों के पारंपरिक अधिकार और व्यवस्थाएं अलग हैं।
झामुमो-बीजेपी के एक होने की अटकलों को किया खारिज
मीडिया के एक सवाल के जवाब में चंपई सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भविष्य में एक होने की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया।उन्होंने कहा कि इस तरह की चर्चाओं का कोई आधार नहीं है और राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
